जिला उपभोक्ता आयोग
पुरानी बीमारी साबित करने में नाकाम रही बीमा कंपनी, अब करेगी भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पुरानी बीमारी का हवाला देकर बीमा कंपनी क्लेम देने से इंकार नहीं कर सकती। कंपनी को यह साबित करना होगा कि बीमित व्यक्ति को पॉलिसी लेने से पहले से बीमारी थी। ग्रेटर नोएडा के गुलिस्तानपुर गांव निवासी सुदेश के पति सुरेश ने स्टार यूनियन दाई-इची लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से बीमा पॉलिसी ली थी। उन्होंने 99,521 रुपये के प्रीमियम का भुगतान किया था। पॉलिसी 28 सितंबर 2018 से 27 सितंबर 2022 तक वैध थी। इसी दौरान 18 जून 2019 को सुरेश की मृत्यु हो गई। मृत्यु की सूचना परिजनों ने बीमा कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर दी और मांगे गए आवश्यक दस्तावेज भी जमा कराए। कंपनी के कर्मचारियों ने 120 दिन के भीतर क्लेम राशि का भुगतान करने का भरोसा दिया था, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी क्लेम का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद सुदेश ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पॉलिसी लेते समय बीमित व्यक्ति ने खुद को स्वस्थ घोषित किया था और जानबूझकर अपनी बीमारी की जानकारी छिपाई थी। दोनों पक्षों को सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी बीमित व्यक्ति की कथित पुरानी बीमारी के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सकी।आयोग ने बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को 8.85 लाख रुपये की क्लेम राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 30 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है।