- ऑनलाइन निवेश से लेकर सामान खरीदने में हुई ठगी, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। पहले मामले में भारत यादव नाम शख्स ने पुलिस को बताया कि व्हाट्सएप और अन्य माध्यम से एक युवती से उनकी बातचीत हुई। युवती ने निवेश करने की बात कही और इसके बाद उन्हें एक बैंक खाते की जानकारी दी गई। शिकायतकर्ता ने अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस के माध्यम से 5.85 लाख रुपये खाते में भेज दिए। बाद में उन्हें साइबर ठगी का पता चला।
दूसरे मामले में प्रिय रंजन कुमार के साथ 6.17 लाख की साइबर ठगी हुई है। शिकायत के मुताबिक 10 जुलाई 2025 को उनके बैंक खाते से पांच लाख रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा उनके दो आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड से क्रमश: 67 हजार और 49 हजार की रकम निकाली गई। पीड़ित ने घटना के बाद 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
तीसरे मामले में 70 वर्षीय दिलीप कुमार मल्लिक ने बताया कि वह इंजीनियरिंग सामान का कारोबार करते हैं। उन्होंने इंडियामार्ट पर हाइड्रोलिक टॉर्क की जरूरत संबंधी जानकारी पोस्ट की थी। इसके बाद खुद को एक कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और सामान उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। आरोपी ने पांच लाख रुपये भुगतान करने को कहा। भुगतान के बाद सामान लेकर कोई व्यक्ति नहीं पहुंचा। पीड़ित ने मई 2026 को पांच लाख रुपये आईएमपीएस के जरिये भेजे थे। उन्होंने 19 मई को साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें।
- व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिले निवेश प्रस्ताव की पूरी जांच करें।
- ऑनलाइन कारोबार में किसी कंपनी या विक्रेता से सामान खरीदने से पहले उसके पंजीकरण, पते और बैंक खाते की जानकारी की पुष्टि करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, कार्ड की जानकारी, सीवीवी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
- बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड से संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और 1930 पर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।