-सेक्टर-20 और फेज-1 थाना पुलिस तलाश में लगी हुई थी, इस बीच शुक्रवार को कोर्ट में किया सरेंडर
-पुलिस रेकार्ड में पूर्व से गैंगस्टर घोषित है महिला, कुछ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आई थी, फिर शुरू किया काला कारोबार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेज-1 थाना क्षेत्र की कुख्यात नशा तस्कर नूरी के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद अब तक तलाश में लगी पुलिस जांच आगे बढ़ाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुछ महीने पहले ही नूरी जेल से बाहर निकली थी और नशे का काला कारोबार फिर से शुरू कर दिया था। इसके पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। इस महिला तस्कर के खिलाफ 13 प्राथमिकी दर्ज हैं। यह गैंगस्टर भी घोषित हो चुकी है। इसके काले कारोबार और गिरोह को देखते हुए पुलिस अब इसकी संपत्तियों को चिन्हित करेगी। छापेमारी के दौरान पुलिस को इसके ठिकानों पर बुल्डोजर भी खड़े हुए मिले थे। यह किराये पर चलवाए जा रहे थे। अब पुलिस इन बुल्डोजर समेत नूरी व परिवारीजन की सभी संपत्तियों का आकलन सोमवार से शुरू कर देगी।
थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी नूरी ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर किया। नूरी की तलाश में फेज-1 थाने के साथ सेक्टर-20 थाना पुलिस भी लगी हुई थी। सेक्टर-20 थाना पुलिस और नारकोटिक्स सेल की टीम ने जून के आखिर में नूरी के गिरोह को निशाना बनाया था। इसके कई साथी 60 किलो गांजे के साथ पकड़े गए थे लेकिन यह भाग निकली थी। इसके बाद 21 जुलाई को इसकी भतीजी अफसाना को फेज-1 थाना पुलिस ने 280 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। तब भी थाना पुलिस की तरफ से नूरी की तलाश में लगे होने का दावा किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जो कि खारिज हो गई थी। इसके बाद उसने अचानक से कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
दोनों थाने की पुलिस की हुई किरकिरी : तलाश के दावे के बीच एक महिला नशा तस्कर का चकमा देकर कोर्ट में जाकर सरेंडर करने की सूचना के बाद फेज-1 और सेक्टर-20 दोनों थानों की पुलिस की किरकिरी हुई है। इसके पहले फेज-1 थाना पुलिस की किरकिरी जून में तब हुई थी जब उसके थाना क्षेत्र में सेक्टर-8 से चल रहे नशा तस्करी के इस बड़े गैंग का भंडाफोड़ सेक्टर-20 थाना पुलिस ने कर दिया था।
नोएडा पुलिस इस पूरे गिरोह पर लगातार कार्रवाई कर रही है। आरोपी महिला नूरी पूर्व में गैंगस्टर घोषित हो चुकी है। अब आगे इसकी व इसकी गिरोह से जुड़ी संपत्तियों को चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही नियमानुशार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
- मनीषा सिंह, एडीसीपी, नोएडा।