फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: नोट एक्सचेंज के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी, तीन गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
नोट एक्सचेंज के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी, तीन गिरफ्तार
विज्ञापन

बिसरख कोतवाली पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश, तीन कारें और 4.83 लाख रुपये बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने नोट एक्सचेंज के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान निवाड़ी, मध्य प्रदेश के लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा, अमेठी के पवन कुमार मिश्रा व जींद, हरियाणा के संजीव के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.83 लाख रुपये नकदी और तीन कारें बरामद की हैं। गिरोह बड़े नोटों के बदले अधिक छोटे नोट देने के झांसे में लोगों से मोटी रकम ठग रहा था।ठगी के शिकार हुए हापुड़ के रसूलाबाद निवासी रोबिन सिंह ने बताया कि उनकी दोस्ती क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी विवेक मिश्रा से है। दोनों मिलकर व्यापार करते हैं। विवेक मिश्रा की मित्रता अमेठी निवासी पवन कुमार मिश्रा से हुई थी, जो गाजियाबाद में लॉजिस्टिक का काम करता है। पवन कुमार मिश्रा ने रोबिन और विवेक को मध्य प्रदेश निवासी लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा और हरियाणा निवासी अरमान से मिलवाया था। इन लोगों ने दोनों को समझाया कि यदि वह 500-500 रुपये के बड़े नोट मिलाकर 10 लाख रुपये दें तो उन्हें 100 और 200 रुपये के छोटे नोट के रूप में 12 लाख रुपये वापस मिलेंगे। 1 जुलाई की सुबह रोबिन अपने साथी विवेक मिश्रा के साथ चेरी काउंटी बिसरख स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। वहां पहले से मौजूद लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा, अरमान, संजीव और पवन मिश्रा को 10 लाख रुपये दिखाने के बाद चारों आरोपियों ने धोखे से रुपयों से भरा बैग छीनकर तीन अलग-अलग कारों में बैठकर फरार हो गए थे। रोबिन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 3 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



विशेष टीमों का किया गया था गठन
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरोह में अरमान, संजीव और पवन मिश्रा शामिल हैं। पवन मिश्रा भोले-भाले पैसे वाले लोगों से संपर्क करता है। उन्हें बड़े नोट के बदले में अधिक छोटे नोट देने का प्रलोभन देता है। आरोपी पहले भी गाजियाबाद और झांसी में ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। लोकेश मिश्रा गिरोह का मुखिया है, जिस पर झांसी, गाजियाबाद में मुकदमा दर्ज है। आरोपियों ने पहले भी दो अन्य पार्टियों से मिलने का प्रयास किया था, लेकिन वह तैयार नहीं हुई थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें