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मरीजों और स्टाफ के खाने की प्लेट के बिलों में फर्जीवाड़ा

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मरीजों और स्टाफ के खाने की प्लेट के बिलों में फर्जीवाड़ा
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नोएडा। सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में मरीजों और स्टाफ को दी जाने वाली खाने की प्लेट में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) की जांच में सामने आया है कि 18 सितंबर से 15 अक्तूबर तक अस्पताल में भर्ती मरीजों ने 3440 प्लेट खाना खाया। जबकि, ठेकेदार ने 3804 प्लेट का बिल बनाकर थमा दिया। फर्जीवाड़े में करीब एक लाख रुपये की धांधली सामने आ रही है। मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सेक्टर-39 में कोविड अस्पताल संचालित है। पूर्व में खाने में कीड़ा निकलने पर ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर दिया गया था। उम्मीद थी कि मौजूदा ठेकेदार ऐसा कोई कृत्य नहीं करेगा। आरोप है कि नए ठेकेदार ने खाने की प्लेट के बिलों में ही फर्जीवाड़ा कर दिया। एमएस की जांच में सामने आया है कि 18 सितंबर से 30 सितंबर तक मरीजों ने कुल 1670 प्लेट खाना खाया। जबकि, ठेकेदार ने 1840 का बिल बनाकर एमएस को भेज दिया। इस दौरान करीब 170 प्लेट की गड़बड़ी रही। दूसरा बिल एक अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक का बनाया। इस अवधि में मरीजों ने 1770 प्लेट खाना खाया, जबकि ठेकेदार ने 1964 प्लेट का बिल थमा दिया। दोनों बिलों में 364 प्लेट अधिक हैं। एमएस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हैं। वरिष्ठ अफसरों को भी पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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400 रुपये की थाली में धांधली का खेल
कोविड अस्पताल में दो तरह की थाली परोसी जा रही हैं। एक मरीज और दूसरी डॉक्टर व अन्य स्टाफ को। मरीज को 90 रुपये में तीन बार का खाना मिलता है, जबकि स्टाफ को 400 रुपये में 3 बार का खाना दिया जाता है। अस्पताल में स्टाफ की संख्या करीब 60 है। सूत्रों ने बताया कि 90 रुपये की थाली दिखाकर सहानुभूति बटोरी जा रही थी, जबकि धांधली का पूरा खेल 400 रुपये की प्लेट से जुड़ा हुआ था। मरीजों के नाम पर ही इन बिलों का पास करने का जरिया बनाया गया था।
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अस्पताल में खाना आपूर्ति करने वाले ठेकेदार ने मरीज व स्टाफ के खाने की प्लेट के बिल सौंपे हैं। जांच में उनमें अनियमितता सामने आई है। ठेकेदार ने 364 प्लेटों का अतिरिक्त बिल बना दिया है। मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रेणु अग्रवाल, एमएस, सेक्टर 39 कोविड अस्पताल
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