मनमाने ढंग से पास जारी होने पर नियंत्रण की भी व्यवस्था की थी। इसके तहत प्रत्येक विधायक को सिर्फ दो पास अनुमन्य किया था। पूर्व विधायकों को जारी पारंपरिक पास भी समाप्त कर दिए गए थे। नए पास जारी भी हो चुके हैं। बावजूद जिले की सड़क पर पुराने पास लगाकर वाहन दौड़ रहे हैं।
जिले में कुल चार विधायक हैं, जबकि विधायक को जारी होने वाले सचिवालय पास लगी 20 से अधिक गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। कई वाहनों पर पुराने पास ही लगे हुए हैं। महीनों पहले उनकी वैधता खत्म हो चुकी है, बावजूद उन्हें हटाया नहीं गया है। इन वाहनों से राजनीतिक दलों के मौजूदा व पूर्व पदाधिकारी घूम रहे हैं।
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मामला राजनीतिक होने के कारण जांच के दौरान कोई रोकता-टोकता भी नहीं। रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक, धर्मशाला चौक, पन्नूगंज रोड और यहां तक कि कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस के आसपास भी ऐसे पास लगे वाहन घूम रहे हैं, मगर कोई रोक-टोक नहीं है।
दिसंबर में खत्म हुई थी वैधता, फिर भी नहीं हटाया पास
भाजपा के एक पदाधिकारी के वाहन संख्या 5552 पर विधायक के साथ विनाका पास लगा है। इसकी वैधता दिसंबर 2024 में ही खत्म हो चुकी है। बावजूद इसे उतारा नहीं गया है। पार्टी के ही एक अन्य पदाधिकारी के वाहन संख्या 1369 पर भी ऐसा ही पास चस्पा है। इसकी वैधता भी दिसंबर 2024 तक थी। एक पूर्व विधायक के वाहन 4120 पर भी विधानसभा का पुराना पास ही लगा हुआ है। हालांकि इसकी वैधता दिसंबर 2025 तक है। रेडियो फ्रिक्वेंसी पहचान वाले नए पास जारी होने के बाद सभी पुराने पास खत्म करने का निर्देश था, बावजूद पुराने पारंपरिक पास नहीं हटाए गए हैं। पार्टी नेताओं के अलावा उनके कई रिश्तेदारों के वाहन भी ऐसे पास लगाकर बेखौफ घूम रहे हैं।
क्या बोले अधिकारी
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान काली फिल्म, हूटर लगे वाहनों का चालान किया गया है। अगर कोई अनधिकृत व्यक्ति वाहन पर विधानसभा पास लगाकर चलता मिला तो चालान करने के साथ अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। -विनोद सिंह, यातायात निरीक्षक