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Noida News: पूर्व आईएएस अधिकारी नारायण दिवाकर समेत 10 अन्य बरी

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-वर्षों पुराने सीजीएचएस भूमि आवंटन घोटाला मामले में थे आरोपी
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-लॉर्ड्स कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी को जाली दस्तावेजों के आधार पर पुनर्जीवित करने का था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सहकारी समूह आवास सोसायटी (सीजीएचएस) भूमि आवंटन घोटाले से जुड़े एक पुराने मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी नारायण दिवाकर और 10 अन्य को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा और आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
यह मामला साल 2007 में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। आरोप था कि आरोपियों ने लॉर्ड्स कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी को जाली दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से पुनर्जीवित किया, ताकि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से सस्ती दरों पर भूमि प्राप्त की जा सके। यह मामला करीब 4,000 करोड़ रुपये के सीजीएचएस घोटाले से जुड़ा था। सीबीआई ने दावा किया था कि नारायण दिवाकर, जो उस समय दिल्ली में सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार थे, ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपने पद का दुरुपयोग किया।
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हालांकि, जिला न्यायाधीश जगदीश कुमार ने अपने 200 पृष्ठों के आदेश में कहा कि दिवाकर या अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस या प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला। अदालत ने कहा कि यह साबित नहीं हुआ कि दिवाकर की किसी आरोपी से मिलीभगत थी या उन्होंने कोई आर्थिक लाभ लिया। अदालत ने माना कि दिवाकर ने सोसाइटी के पुनरुद्धार का आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत और सद्भावना से पारित किया था। उन्होंने सोसाइटी में चुनाव अधिकारी नियुक्त करने और समय पर ऑडिट कराने का भी निर्देश दिया था। अदालत ने कहा कि सोसाइटी के पुनरुद्धार पर किसी ने आपत्ति नहीं थी और यह प्रक्रिया दिल्ली सहकारी समितियां अधिनियम (डीसीएस एक्ट) के तहत की गई थी।
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