ब्लैकमेलिंग से परेशान व्यक्ति की शिकायत पर केस
रजपुरा थाना क्षेत्र के कस्बा गवां निवासी एक व्यक्ति ने पहली सितंबर को थाने में दी शिकायत में बताया था कि उसके परिचित लोगों के पास उसके आपत्तिजनक फोटो भेजे जा रहे हैं। रंगदारी के रूप में 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। जिस नंबर से कॉल की जा रही थी, उसके आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और छानबीन की।
इसी क्रम में पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एसपी ने बताया कि पीड़ित ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर फ्लैश वॉलेट एप से आसान तरीके से लोन मिलने का एड देखा था। उसके बाद एप डाउनलोड कर लिया और एप ने जो परमिशन मांगी वह दे दी।
गैलरी से फोटो और नंबर गिरोह ने एप के माध्यम से चोरी कर लिए। पहले तो 5355 रुपये लोन बकाया के मांगे और जब लोन नहीं लेने की बात कही तो धमकी देने लगे और बाद में एडिट फोटो के माध्यम से ब्लैकमेल करने लगे।
अनवेरिफाइड एप बन रहे मुसीबत
एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे विज्ञापन मिलते हैं, जिसमें आसानी से लोन मिलने और जल्दी ही अमीर बनने का झांसा दिया जाता है। लोग इन भ्रामक विज्ञापनों को देखकर गुमराह हो जाते हैं और एप डाउनलोड कर लेते हैं। एप डाउनलोड होते ही परमिशन मांगी जाती है जो आमतौर पर लोग देते हैं।
इससे ठगी करने वाले गिरोह का काम आसान हो जाता है। वह गैलरी और नंबर की परमिशन लेकर डाटा चोरी कर लेते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग करते हैं। एसपी ने कहा कि अनवेरिफाइड एप कभी डाउनलोड नहीं करने चाहिए। इससे ठगी का खतरा बना रहता है। इसलिए सभी में जागरूकता और सतर्कता जरूरी है।
आरोपियों के खाते भी खंगाले जाएंगे
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बैंक खाते खंगाले जाएंगे। इस गिरोह से और कौन जुड़ा है उनकी भी छानबीन चल रही है। इस गिरोह द्वारा कई करोड़ रुपये की ठगी और रंगदारी वसूलने की आशंका है। इसलिए टीम छानबीन कर रही है। इस गिरोह का एप जिस प्लेटफार्म पर है। उसको भी हटवाया जाएगा। ताकि दूसरे लोग इसका शिकार न हो सकें।
ऑनलाइन ठगी करने वाले और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरोह का सरगना भागा हुआ है। उसके खाते में करीब दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। चार राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। लोगों को जागरूक होना चाहिए और अनवेरिफाइड एप डाउनलोड न करें। इस तरह से ठगी का शिकार होने से बचा जा सकता है।
- कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल