फार्च्यून कंपनियों के साथ धरातल पर उतारी जाएगी फिनटेक सिटी
गुरुग्राम में सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी, आकर्षक ऑफर दिए जाएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फिनटेक सिटी के सपने को साकार करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) दुनिया की 500 फार्च्यून कंपनियों के साथ मंथन करेगी। वित्तीय कारोबार से जुड़ीं कंपनियों का एक सम्मेलन गुरुग्राम में आयोजित कर प्राधिकरण निवेश के लिए आमंत्रित करने की तैयारी में है। खास बात यह भी है कि फिनटेक सिटी में निवेश के लिए आकर्षक ऑफर दिए जाएंगे। यहां निवेश करने पर सरकार की ओर से मिल रही सुविधा के बारे में भी बताया जाएगा।
उत्तर भारत की पहली फिनटेक सिटी में वित्तीय कारोबार से जुड़ी दुनिया की 500 बड़ी कंपनियों की सूची भी तैयार की जा रही है। दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने तय किया है कि यहां निवेश करने वाली कंपनियों को अलग से लाइसेंस लेनी की जरूरत नहीं होगी। फिनटेक सिटी के लिए अक्तूबर में पहली भूखंड योजना निकालने की तैयारी चल रही है। गुरुग्राम में होने वाले सम्मेलन में अधिकारी इसको लेकर भी वित्तीय कारोबार से जुड़ी संस्थाओं को इसके बारे में जानकारी देंगे। यहां एयरपोर्ट, फिल्म सिटी के आने से निवेश को लेकर बढ़ी संभावनाओं के बारे में बताया जाएगा। बता दें कि सेक्टर-11 में प्रस्तावित फिनटेक सिटी को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। इसमें 250-250 एकड़ के तीन चरणों में कुल 750 एकड़ में विकसित करने का प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए वित्तीय लेन-देन से जुड़ी प्रत्येक कंपनी के लिए अलग एंकर यूनिट चयनित होगी।
अलग-अलग कंपनियों के जरिये होगा काम
दरअसल, प्राधिकरण की फिल्म सिटी योजना का विकास एक ही कंपनी के जिम्मे है। फिनटेक को विकसित करने के लिए सिंगापुर, दुबई व गुजरात की गिफ्ट सिटी का अध्ययन किया गया है। इसका 31 जुलाई तक लेआउट प्लान तैयार होना है। फिनटेक सिटी को लेकर सुझाव दिया गया है कि यहां ब्लॉक चेन, पेमेंट, एक्सचेंज, रिसर्च, डिजिटल मनी, ऑनलाइन बैंकिंग निवेश व अन्य वित्तीय संस्थाएं आएंगी। यह सभी अलग कंपनियां हैं, इसलिए इनके लिए अलग एंकर यूनिट चयनित होनी चाहिए, ताकि कंपनी के कार्यों के हिसाब से माहौल तैयार हो सके।
वर्जन
गुरुग्राम में वित्तीय संस्थाएं बड़ी संख्या में हैं और ऐसे में हम अगले महीने वहां सम्मेलन करेंगे। ऐसे में यहां पर कारोबारियों को फिनटेक में निवेश के लाभ बताकर आकर्षित किया जाएगा। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण