20 हजार करोड़ की लागत से एक हजार एकड़ में बनेगी फिल्म सिटी
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निर्माण का रास्ता साफ
- कैबिनेट बाई सर्कुलेशन फिल्म सिटी के निर्माण के लिए बिड डाक्यूमेंट और ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट को मंजूरी
- पीपीपी मॉडल पर होगा फिल्म सिटी का निर्माण, 20 हजार करोड़ रुपये का आएगा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर के यीडा क्षेत्र के सेक्टर-21 में अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निर्माण का अनुमोदन कैबिनेट ने कर दिया है। शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन फिल्म सिटी के निर्माण के लिए बिड डाक्यूमेंट और ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट को मंजूरी दी गई। यमुना प्राधिकरण विकासकर्ता के चयन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिड जारी करेगा। फिल्म सिटी का निर्माण पीपीपी मॉडल पर होगा, जिसमें लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रोजेक्ट का पहला चरण अगले वर्ष पूरा हो जाएगा। फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के पास एक हजार एकड़ में प्रस्तावित है। डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी एक कंपनी को सौंपी जा चुकी थी। इसमें फिल्म स्कूल, पोस्ट प्रोडक्शन फैसिलिटी, थीम पार्क, होटल, फिल्म, टीवी, ओटीटी निर्माण से जुड़े सभी सेक्टर होंगे।
यमुना प्राधिकरण के सेकटर-21 में एक हजार एकड़ पर फिल्म सिटी विकसित करने के लिए दो बार ग्लोबल टेंडर निकाले गए, लेकिन कोई कंपनी नहीं आई। कंपनियों से फीडबैक लिया तो पता चला कि कुछ शर्त अधिक सख्त है। जिसके बाद शासन ने नियमों को लचीला बनाया। अब कैबिनेट बैठक के बाद तीसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी है। इस बार फिल्म सिटी को एक बार के बयाय तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। इसमें पहले चरण में 230 एकड़ भूमि पर विकसित करने की योजना बनी है। लखनऊ में हुई बैठक में इस पर मुहर लग गई।
फिल्म सिटी के 230 एकड़ के पहले चरण की शर्तों में मोरेटोरियम पीरियड एक साल बढ़ा दिया गया है। अब पांच साल का मोरेटोरियम पीरियड और तीन साल का समय निर्माण के लिए होगा। कंपनी का सालाना जितना टर्नओवर होगा, उसी आधार पर यमुना प्राधिकरण को लाभांश मिलेगा। परियोजना की लागत 1510 करोड़ रुपये है। परियोजना के शुरुआती तीन साल में कंपनी को 225 करोड़ रुपये खर्च करना जरूरी होगा। पहले साल में 50 करोड़, दूसरे साल में 75 करोड़ और तीसरे साल में 100 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। 230 एकड़ जमीन 2318 करोड़ रुपये की है। शर्तों के मुताबिक, कंपनी एक हेक्टेयर से कम की जमीन का सब लाइसेंस नहीं दे पाएगी।
230 एकड़ जमीन में 155 एकड़ औद्योगिक उपयोग की है। जबकि 75 एकड़ कॉमर्शियल उपयोग की है। इसमें मॉल, शॉपिंग कंपलेक्स, प्लाजा, सर्विस अपार्टमेंट, विला आदि बनाए जा सकेंगे। 155 एकड़ के फिल्म से जुड़ी गतिविधियां होंगी। वहीं, पहले चरण 230 एकड़ में विकसित होगा। 770 एकड़ जमीन पर फिल्म सिटी की क्या-क्या गतिविधियां विकसित की जाएंगी, इसको लेकर के संयुक्त योजना बनेगी। इस योजना को बनाने के लिए सलाहकार कंपनी का चयन किया जाएगा।
अहम है कि एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक यीडा ने पॉड टैक्सी और मेट्रो रूट काॅरिडोर बनाने की योजना को अमली जामा पहनाने की तैयारी कर दी है। अलगे माह पॉड टैक्सी और मेट्रो डीपीआर पर काम शुरू हो जाएगा।
इस तरह फिल्म सिटी पर खर्च होगी धनराशि
पहले वर्ष- 50 करोड़ रुपये
दूसरे वर्ष- 75 करोड़ रुपये
तीसरे वर्ष 100 करोड़ रुपये
क्या कहते हैं अधिकारी
155 एकड़ औद्योगिक उपयोग होगा और बाकी की भूमि पर मॉल, शॉपिंग कंपलेक्स, प्लाजा, सर्विस अपार्टमेंट और रिहायशी क्षेत्र होगा। जल्द ही फिल्म सिटी के लिए वैश्विक निविदा निकाली जाएगी। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा।