ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में प्रस्तावित फिल्म सिटी का बिड डॉक्यूमेंट (बोली दस्तावेज) और ड्रॉफ्ट कंसेशन (मसौदा रियायत) तैयार हो गया है। प्राधिकरण ने इनको मंजूरी के लिए शासन को भेजा है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विकासकर्ता के चयन के लिए वैश्विक निविदाएं निकाली जाएंगी। अफसरों का कहना है कि जनवरी तक विकासकर्ता का चयन होने की उम्मीद है। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ जमीन पर फिल्म सिटी विकसित होगी। इसमें से 75 प्रतिशत भूमि पर फिल्म से जुड़ी सुविधाएं विकसित होंगी।
5 प्रतिशत क्षेत्र में फिल्म इंस्टीट्यूट, 15 प्रतिशत में एम्यूजमेंट पार्क और बाकी क्षेत्र में होटल, रेस्तरां, विला और व्यावसायिक कार्यालय विकसित होंगे। फिल्म सिटी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। प्राधिकरण ने डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी सीबीआरई से ही बिड डाक्यूमेंट और कंसेशन एग्रीमेंट तैयार कराया है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अध्ययन के बाद दोनों दस्तावेज शासन को भेजे गए हैं। शासन स्तर पर गठित कमेटी इसका अध्ययन करेगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद वैश्विक निविदा मांगी जाएगी। इसके दो माह के अंदर विकासकर्ता कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। जनवरी तक कंपनी के चयन की पूरी उम्मीद है। फिल्म सिटी का विकास पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा।
500 करोड़ होना चाहिए कंपनी का टर्नओवर
फिल्म सिटी की विकासकर्ता कंपनी का टर्नओवर 500 करोड़ रुपये होना चाहिए। वही कंपनी आवेदन कर सकती है। फिल्म सिटी को विकसित करने में करीब दस हजार करोड़ खर्च होंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि फिल्म सिटी में वैश्विक स्तर की सुविधाएं होंगी। यहां पर प्री से लेकर पोस्ट प्रोडक्शन, साउंड से लेकर स्पेशल विजुअल इफेक्ट के स्टूडियो की सुविधाएं होंगी।