माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चेक बाउंस के एक मामले में केवल अधिकृत हस्ताक्षरी को तलब किए जाने के खिलाफ दायर आपराधिक निगरानी को सत्र अदालत ने खारिज कर दिया। सेक्टर-22 चौड़ा निवासी मनोज कुमार ने जोमाल्टो इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टर संजय चौहान और अधिकृत हस्ताक्षरी मीनाक्षी बिस्ट के खिलाफ परिवाद दायर किया था।
परिवाद के अनुसार 9 जनवरी 2020 को डायरेक्टर और अधिकृत हस्ताक्षरी मनोज की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने कंपनी के लिए 61,900 रुपये कीमत का मोबाइल खरीदा। भुगतान के लिए 25 जनवरी 2020 की तिथि का चेक दिया गया, जो सेक्टर-63 नोएडा स्थित आईडीएफसी बैंक शाखा का था। आरोप है कि चेक का भुगतान नहीं हुआ। एसीजेएम प्रथम ने मीनाक्षी बिस्ट को विचारण के लिए तलब किया था। इससे असंतुष्ट होकर मनोज कुमार ने निगरानी दायर की। उनका कहना था कि चेक की लेखीवाल कंपनी है और प्राथमिक आरोपी भी वही है। अपराध के लिए विशेष प्रावधान है, फिर भी कंपनी और डायरेक्टर को तलब नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि केवल यह देखना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं। साक्ष्यों से मीनाक्षी बिस्ट के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध बन रहा है। इस आधार पर कोर्ट ने निगरानी को आधारहीन और बलहीन बताते हुए खारिज कर दिया।