- भारत-वियतनाम दोस्ती के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में हेल्थटेक स्टार्टअप्स ने दिखाई अपनी क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। भारत और वियतनाम के बीच मित्रता के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली में आयोजित इंडिया-वियतनाम टेक कॉरिडोर कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़े पांच स्टार्टअप्स को अपनी नवाचार क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम का आयोजन वियतनाम नेशनल असेंबली की ओर से किया गया, जिसमें वियतनाम सरकार के आठ मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जिम्स सीएमई के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि टेक कॉरिडोर कार्यक्रम के लिए जिम्स इंक्यूबेशन सेंटर से कुल 14 स्टार्टअप्स का चयन प्रस्तावित था, लेकिन केवल पांच स्टार्टअप्स को ही प्रदर्शित करने का मौका मिल सका। प्रदर्शित किए गए स्टार्टअप्स में बायोसाइफिर हेल्थटेक, स्वास्थ्य हेल्थटेक, मातृ, माइल्ड केयर और सोफ्रोकेश टेक्नोलॉजी जैसे नवाचार शामिल रहे। इन स्टार्टअप्स ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए, जिन्हें वियतनाम सरकार के अधिकारियों ने गहनता से समझा और सराहा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और वियतनाम के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना था। जिम्स के इन स्टार्टअप्स की भागीदारी से न केवल संस्थान को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकसित हो रहे नवाचारों को भी वैश्विक पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।