-मकान किराए पर देने के बाद पुलिस से नहीं कराया जा रहा सत्यापन
- गांवों और सोसाइटियों के लोग उठा रहे सवाल
काव्यांश मिश्रा
यमुना सिटी। विदेशी नागरिकों की बढ़ती पैठ अब लोगों को कचोटने लगी है। ड्रग्स से लेकर अराजकता फैलाने वाले ऐसे काम आवासीय सोसाइटी और गांवों के बीच रहकर कई विदेशी नागरिक कर रहे हैं। परेशानी की बात ये है कि पुलिस को भी उनके बारे में जानकारी नहीं होती कि बंद दरवाजे के पीछे क्या काम कर रहे हैं। ड्रग्स फैक्टरी का खुलासा होने के बाद इलाके में बाहरी देशों से आकर रहने वाले लोगों को लेकर अब लोग सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय निवासी अब विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रहने के उद्देश्य की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि मकान मालिक किराए पर मकान तो दे रहे हैं, लेकिन पुलिस से सत्यापन नहीं करा रहे हैं। हाल ही में इलाके में ड्रग्स फैक्टरी संचालित करने के आरोप में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। इससे पहले भी विदेशी नागरिकों के आपराधिक गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में स्थानीय निवासी विदेशी नागरिकों की आईडी, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कराने के साथ ही उनके मकान मालिकों की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
किराये पर मकान देने में नियमों की अनदेखी का आरोप : इलाके में बड़ी संख्या में बाहरी देशों से आए लोग किराये पर मकान लेकर रह रहे हैं। कई मामलों में मकान मालिक किरायेदारों को रखने से पहले पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं करते। इससे किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने में परेशानी हो सकती है। अब लोगों की मांग है कि पुलिस गांवों, कॉलोनियों और सोसाइटियों में अभियान चलाकर किरायेदारों का सत्यापन कराए।
सोसाइटियों के बाद अब गांवों में भी बढ़ी चिंता: विदेशी नागरिकों के रहने को लेकर अब तक मुख्य रूप से सोसाइटियों के निवासियों की ओर से शिकायतें सामने आती रही हैं। अब गांवों में भी इसको लेकर चिंता बढ़ रही है।
सोसाइटी में विदेशी नागरिक रहते हैं जिनके बारे में कोई जानकारी निवासियों को नहीं रहती। -समर्पित आर्या, सेक्टर 22डी सोसाइटी
किराये पर मकान दे दिया जाता है लेकिन उनका पुलिस से सत्यापन नहीं कराया जा रहा। इसके कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। -प्रदीप शर्मा, सेक्टर 22डी सोसाइटी
गांव में इनके रहने की जानकारी किसी तो नहीं थी। पता नहीं और कितने मकानों में विदेशी नागरिक रह रहे हैं। पुलिस को इनकी जांच करनी चाहिए। -अब्बास अली, जहानाबाद कादलपुर