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Noida News: किसानों को निजी बिक्री पर भी मिलेगा 625 रुपये का बोनस, आज से शुरू होगी बाजरे और मूंग की खरीद

Tue, 23 Sep 2025 01:12 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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शहर की अनाज मंडी में लगी बाजरे की ढेरियां।
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भिवानी। अब किसानों को बाजरे की निजी बिक्री करने पर भी 625 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भावांतर योजना के तहत सरकार द्वारा सीधे खाते में दिया जाएगा। इसके साथ ही इस बार बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद एक अक्टूबर के बजाय मंगलवार से मंडियों में शुरू कर दी गई है। हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) के माध्यम से प्रदेशभर में 60:40 के अनुपात से बाजरे की सरकारी खरीद की जाएगी। ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों द्वारा ई-खरीद पोर्टल पर की गई प्राइवेट बिक्री पर ही भावांतर भरपाई योजना का लाभ मिलेगा।
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हालांकि इस बार प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालातों के कारण बाजरा और अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं इसलिए मुख्य तौर पर भिवानी जिले में पंजीकृत किसानों की बाजरा की खरीद लक्ष्य से आधी रहने की संभावना है। खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान बाजरा की सरकारी खरीद 23 सितंबर से शुरू हुई। केवल वही किसान लाभान्वित होंगे जिनका पंजीकरण और सत्यापन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर हो चुका है।
भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) के तहत शुरुआत में 2150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदा जाएगा। एमएसपी और बाजार मूल्य के बीच का अंतर ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से सीधे किसानों को 625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से दिया जाएगा। यदि किसान का बाजरा निजी व्यापारियों द्वारा 2150 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कीमत पर खरीदा जाता है, तब भी सरकार 625 रुपये का बोनस देगी।
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उदाहरण के तौर पर हैफेड/एचएसडब्ल्यूसी द्वारा 2150 रुपये प्रति क्विंटल की खरीद पर किसान को कुल 2775 रुपये (2150+625) मिलेंगे। यदि कोई निजी व्यापारी 2175 रुपये प्रति क्विंटल खरीदे तो किसान को 2800 रुपये (2175+625) मिलेंगे। यदि निजी खरीद 2225 रुपये प्रति क्विंटल हुई है तो कुल 2850 रुपये (2225+625) प्राप्त होंगे।

पिछले साल सात लाख 42 हजार 39 क्विंटल बाजरे की हुई थी खरीद
पिछले साल सरकारी एजेंसियों ने सात लाख 42 हजार 30 क्विंटल बाजरा खरीदा था। इस बार एक लाख 15 हजार 287 किसानों की छह लाख 16 हजार 307 एकड़ भूमि का पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पर हो चुका है। अधिकांश किसान बाजरा की फसल में पंजीकृत हैं। मौसम की मार के कारण इस बार बाजरा की आधी ही खरीद होने की संभावना है।

मंडी में दस दिनों से बाजरे की आवक हो रही
भिवानी मंडी में पिछले दस दिनों से बाजरे की आवक हो रही है। अब तक करीब 35 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में पहुंच चुका है। प्राइवेट खरीद की कीमत 2050 से 2125 रुपये प्रति क्विंटल रही है। ई-पोर्टल पर बिक्री करने वाले किसानों को 625 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस मिलेगा। मंडी में नई फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।



जिले की मंडियों में पिछले सीजन हुई बाजरे की खरीद
मंडी का नाम हैफेड (क्विंटल) एचडब्ल्यूसी (क्विंटल)
कुल (क्विंटल)
जूई
13765.10
0
13765.10
बहल
3223.25
0
3223.25
ढिगावा 7866.65
0
7866.65
लोहारू
4063.45
0
4063.45
सिवानी
3231.30
0
3231.30
बवानीखेड़ा 0
4816.40
4816.40
तोशाम
0
13577.30
13577.30
भिवानी
0
23695.85
23695.85
पाजू 0
0
0
कुल
32149.75
42089.55
74239.30

जिले की नौ मंडियों में होगी बाजरे और मूंग की सरकारी खरीद
सरकार की तरफ से जिले की नौ मंडियों जूईकलां, बहल, ढिगावा, लोहारू, सिवानी, बवानीखेड़ा, तोशाम, भिवानी और पाजू में बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद का शेड्यूल निर्धारित किया गया है।


मंगलवार से मंडियों में बाजरे व मूंग की सरकारी खरीद आरंभ की गई है। हमारी सरकार से मांग है कि किसानों का बाजरा खरीद के साथ ही उसका उठान सुनिश्चित कराए और समय से खरीद एजेंसी को नियमानुसार निर्देश दें। भिवानी मंडी में अब तक करीब 35 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा की आवक हो चुकी है। - भूरु बंसल, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी


हैफेड और एचएसडब्ल्यूसी के माध्यम से जिले की नौ मंडियों में बाजरा और मूंग की खरीद का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। संबंधित एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। निर्धारित मंडियों में मंगलवार से ही बाजरा की खरीद आरंभ कर दी जाएगी। बारदाना की व्यवस्था पहले ही कराई जा चुकी है। खरीद के साथ ही किसानों की फसलों का मंडियों से उठान और समय से भुगतान भी सुनिश्चित कराया जाएगा। -अनिल कालरा, नोडल अधिकारी व जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी


किसानों की फसलों की आवक को देखते हुए 23 सितंबर से ही बाजरा की मंडियों में सरकारी खरीद आरंभ की जाएगी। मंडी में किसानों की फसलों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा चुके हैं। फसल की झराई और भराई का काम सुचारु रूप से चले इसके लिए पर्याप्त लेबर की भी व्यवस्था की गई है। किसानों को खरीद के दौरान किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -देवेंद्र ढुल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी
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