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किसानों ने रुकवाया चीनी कंपनी का निर्माण, धरने के दौरान ‘चीनी कंपनी वापस जाओ’ के लगाए नारे

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आईएमटी के बाहर धरने पर बैठे किसान। - फोटो : Mewat
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नूंह। किसानों ने शुक्रवार को 10 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होने पर रोजका मेव स्थित औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में चीन की एटीएल कंपनी का निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। क्षेत्र की महिलाएं, युवा और बुजुर्गों ने ‘चीनी वापस जाओ’ के नारे लगाए। किसानों ने कहा कि चीन देश का सबसे बड़ा दुश्मन है। भारत में चीन की कंपनी को काम नहीं करने दिया जाएगा।
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आईएमटी में एटीएल कंपनी का कार्य रुकवाने के बाद मौके पर पहुंची कंपनी के कर्मचारियों और किसानों के बीच झड़प भी हुई। सूचना मिलते ही नूंह, तावडू सहित अन्य थानों के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। धरने का नेतृत्व किसान नेता आजाद खान कंकर खेड़ी और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता रवि आजाद ने किया। उन्होंने किसानों की मांगों के अलावा निर्माण कार्य में जुटी चीन की कंपनी का विरोध किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों और पुलिस के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए नूंह एसडीएस सलोनी शर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। किसानों ने 10 सूत्रीय मांगों के पूरा करवाने की मांग की। काफी समय तक किसानों के बैठे रहने के बाद एसडीएम सलोनी शर्मा ने किसानों से उपायुक्त के साथ वार्ता के लिए कहा, जिस पर किसान तैयार हो गए। इसके बाद जिला सचिवालय में दोपहर करीब 3 बजे किसानों और उपायुक्त शक्ति सिंह के बीच वार्ता हुई। उपायुक्त ने किसानों की मांगों को मंगलवार तक पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने फिलहाल अपने धरने को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। इस दौरान मुख्य रूप से हाजी सोहराब सरपंच, इमरान खान नंबरदार, हाजी सिराजु, हाजी अब्बास के अलावा युवा किसान नेता अबरार खान भी मौजूद रहे।
1600 एकड़ जमीन की गई अधिगृहित
रोजका मेव में कई साल पूर्व क्षेत्र के 9 गांवों की 1600 एकड़ जमीन अधिगृहित की गई थी। इस पर काफी समय तक किसान अधिक मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर भी बैठे थे। तत्कालीन भाजपा सरकार ने नंवबर 2015 में किसानों को यहां धरने से हटा दिया। दो महीने पूर्व से यहां पर जापान की एटीएल कंपनी का कार्य चल रहा है। इसका निर्माण चाइना कंस्ट्रक्शन सोसम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करा रही है।
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चीन कंपनी का करेंगे विरोध
किसान नेता आजाद खान ने कहा कि चीन देश को अंदर से व्यापार में खोखला कर रहा है। एक ओर भाजपा देश हितैषी होने का दावा करती है दूसरी ओर चीन के साथ कार्य कर रही है। इसका वह पूरा विरोध करेंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
किसानों की 10 मुख्य मांगों में आरएए पॉलिसी के तहत हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसरंचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) रिहायसी प्लॉट के मूल्य पर भू मालिकों को 20 प्रतिशत छूट दे। एचएसआईआईडीसी अपनी ग्राम विकास योजना के तहत 9 गांवों को गोद लेकर विकास कार्य को बढ़ावा दिया जाए। गांवों में सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने का प्रावधान हो। इन सभी गांवों में कब्रिस्तान, शमशान घाट के अलावा अन्य सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। एचएसआईआईडीसी द्वारा 9 गांवों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। यहां पर ठेके के छोटे कार्य उनके गांवों के लोगों से करवाए जाएं। गांवों के लिए 220 सब केवी स्टेशन का निर्माण कराया जाए। कुशलता के लिए युवाओं को पॉलिटेक्निक कॉलेज बनवाया जाए। एक नर्सिंग कॉलेज की स्थापना आदि मांगें हैं।
मंगलवार को होगी बैठक
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों, उपायुक्त शक्ति सिंह के अलावा 9 गांवों के किसानों की 13 सदस्यों की कमेटी की एक बैठक मंगलवार को होगी। इसमें इन सभी मांगों पर बात होगी। अगर कोई सहमति नहीं बनती है तो किसान फिर से धरने पर बैठेंगे।
युवाओं को दी जाएगी कौशल ट्रेनिंग : उपायुक्त
जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि आईएमटी रोजका मेव में एचएसआईआईडीसी के कर्मचारियों और किसानों के बीच हुई बहस को लेकर किसान प्रतिनिधियों की प्रशासन के साथ बातचीत हुई है। किसानों के साथ बातचीत बड़े ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। किसानों ने प्रशासन को आश्वासन दिया है कि वे कार्रवाई से संतुष्ट हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आईएमटी रोजका मेव में क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएं जाएं जिससे यहां के लोगों का जीवन स्तर सुधरे। उपायुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया है कि आईएमटी रोजका मेव में इसी क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए यहां के युवाओं को रोजगार संबंधी कौशल ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि यहां आने वाली कंपनियों में युवाओं को रोजगार मिल सके । उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों द्वारा जो भी मुद्दे उठाए गए हैं, प्रशासन मुद्दों की जांच कर उनका जल्द ही समाधान करेगा।
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