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किसानों ने सुनहेड़ा बॉर्डर पर शुरू किया धरना

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धरनास्थल पर सभा करते किसान। - फोटो : Mewat
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किसानों ने सुुनहेड़ा बॉर्डर पर शुरू किया धरना
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पुन्हाना। क्षेत्र में नए कृषि कानूनों का विरोध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को हरियाणा और राजस्थान के मेवात क्षेत्र से किसानों ने दिल्ली जाने का प्रयास किया। पहले से ही मुस्तैद पुलिस ने किसानों को हरियाणा-राजस्थान के सुनहेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया। इससे नाराज किसान वहीं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इनमें हरियाणा और राजस्थान में बसे मेवात के किसान शामिल हैं।
इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सरकार उन्हें दिल्ली नहीं जाने दे रही है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती, बॉर्डर पर धरना जारी रहेगा। किसान नेताओं का कहना था कि सरकार किसानों पर जबरन नए कानून बनाकर थोप रही है। मेवात के किसान भी अन्य प्रदेशों के किसानों के साथ खड़े हैं। अब यहां भी सिंघु बॉर्डर जैसा आंदोलन शुरू कर दिया गया है। मेवात के किसान नेता रमजान चौधरी, रशीद अहमद, समय सिंह और अरशद नीमका ने बताया कि हरियाणा और राजस्थान में पड़ने वाले मेवात इलाके से हजारों किसान मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने सभी को सुनहेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाकर किसानों की जमीनें हड़पना चाहती है। साहूकारों का कर्ज अदा नहीं कर पाने की वजह से किसान पहले ही आत्म हत्याएं कर रहे हैं। नए कानूनों से तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
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कई राज्यों के किसान नेता शामिल हुए
मंगलवार को धरने में पंजाब से किसान नेता मेजर सिंह, पश्चिम बंगाल से हन्नान मोला, राजस्थान से अमरा राम, मध्यप्रदेश से हरविंद्र सिंह फुलिया, जम्मू कश्मीर से तनवीर डार और रोहतक से सुरेंद्र मलिक सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
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पहले से अलर्ट थी पुलिस
किसानों के दिल्ली कूच की सूचना पर पुलिस-प्रशासन पहले ही सतर्क थे। सुनहेड़ा बॉर्डर पर डीएसपी विवेक चौधरी की अगुवाई में कई थानों की पुलिस तैनात थी। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का भी इंतजाम किया गया था।

बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान।- फोटो : Mewat

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