पलवल। जिले में खाद की किल्लत बनी हुई है। किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसान धान व बाजरा की पिछाई फसल में खाद नहीं डाल पा रहे हैं। एक तरफ किसान खाद के लिए भटक रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार की तरफ से सहकारी समिति के अंतर्गत पैक्स (सहकारी समिति के अंतर्गत बैंक शाखा) में आने वाली खाद को नकद में बेच कर घपला किया जा रहा है। ऐसा ही मामला उटावड़ पैक्स का भी है। हालांकि मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद जांच भी शुरू करा दी गई है। वहीं जिले की अन्य पैक्स में भी यही हाल है। किसानों का कहना है कि पैक्स में आने वाली खाद की जांच कराई जाए कि खाद किस किसान को व कितनी दी गई।
बता दें कि सरकार द्वारा किसानों को खाद देने की जिम्मेदारी सहकारी समिति के अंतर्गत पैक्स को दी हुई है। पैक्स पर जो खाद आती है, उसे किसानों को छह महीने की उधार पर दिया जाता है, लेकिन जिले में पैक्स की तरफ से किसानों को यह खाद नियमों के अनुसार नहीं दी जा रही है। बल्कि पैक्स के प्रबंधक व कर्मचारी उस खाद को नकद में बेच देते हैं। बाद में फर्जी चैक के द्वारा राशि जमा करा उसे किसानों से वसूली दिखाकर रसीद काट दी जाती है। खाद नकद बेचकर जो राशि आती है, उसे हड़प लिया जाता है। उटावड़ पैक्स में इसी मामले की जांच चल रही है। नरेश नामक एक व्यक्ति ने इसकी मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, जिसके बाद इस मामले में जांच की जा रही है। उटावड़ पैक्स में कितनी खाद आई, कितनी किसानों को पैक्स के नियमानुसार दी गई तथा कितनी नकद बेचकर चैकों के माध्यम से अदला-बदली की गई, उसकी जांच की जा रही है।
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इन पैक्स में फिलहाल नहीं है खाद
जिले में इन दिनों चांदहट, बडौली, बामनीखेड़ा, बाता, जटौली सहित कई पैक्स में खाद नहीं है। बताया गया कि इनमें से अधिकांश के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। इस कारण पैक्स पर पीछे से खाद नहीं आ रही है। जिसके कारण किसान खाद लेने को भटकते फिर रहे हैं।
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खाद लेने के लिए भटकते फिर रहे हैं, लेकिन पैक्स में खाद नहीं है। खाद आती ही नहीं है, यदि आती है तो पैक्स द्वारा उसे ऊपर ही ऊपर नकद बेच दिया जाता है। इस समय धान व बाजरा की फसल के लिए खाद की बेहद जरूरत है, लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। -कुलदीप, किसान लुलवाडी
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मैं पिछले कई दिनों से खाद के लिए भटक रहा हूं, लेकिन पैक्स पर खाद नहीं है। एजेंसियों पर खाद है, लेकिन वे खाद के साथ जबरदस्ती दवाई किसानों को दे रहे हैं। बडौली में पिछले काफी समय से खाद नहीं आया है।
-लायकराम, किसान बडौली
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किसानों को खाद देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सच्चाई में किसान खाद के लिए भटकते फिर रहे हैं। मैं पिछले काफी समय से खाद के लिए चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन कोई लाभ नहीं है। पैक्स केवल भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं, इनकी जांच होनी चाहिए।
-तेजराम, किसान बाता
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मेरी जानकारी में ऐसा मामला नहीं है। मैं इस बारे में जांच कराऊंगा। खाद की जिले में कोई कमी नहीं है। पैक्स में खाद नकद बेचने के मामले की भी जांच कराई जाएगी। किसानों के साथ खाद मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी, यदि कहीं कोई लापरवाही मिली तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. महावीर मलिक, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग
फोटो 24पीएएलपी-6,7,8,9 में है।
कैप्शन: 6- उटावड पैक्स, जहां नगद में बेच खाद बेचकर घोटाला करने के मामले की चल रही है जांच
कैप्शन: 7- कुलदीप किसान
कैप्शन: 8- लायक राम किसान
कैप्शन: 9- तेजराम किसान