पुन्हाना। उलेटा गांव में फर्जी जॉबकार्ड बनाने के मामले में एडीसी ने फिरोजपुर झिरका के एसडीएम को जांच सौंपकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। वहीं गांव के लोगों ने हलफनामा देकर आरोपी सरपंच, ग्राम सचिव, बैंक अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पैसे रिकवर करने की मांग उठाई है। गांव उलेटा निवासी अशोक कुमार ने बताया कि वह फिरोजपुर झिरका के एसडीएम कार्यालय में बतौर चपरासी कार्यरत है। उसकी पत्नी कृष्णा ग्रेजुएट है जो घर पर ही रहती है। उन्होंने कभी भी गांव में मनरेगा के तहत मजदूरी नहीं की। उसके बावजूद भी उसके नाम से फर्जी जॉबकार्ड बनाकर खाते से 22 हजार रुपये खाते से भी निकाल लिए। इसका खुलासा जांच के बाद चला है।
गांव के राकेश ने बताया कि वह कुम्हार जाति का है उसके नाम से भी फर्जी जॉबकार्ड बनाकर खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। वह राज मिस्त्री है जो 850 रुपये प्रति दिन कमाता है वह 300 रुपये प्रति दिन कमाने के लिए मनरेगा में काम क्यों करेगा। इतना ही नहीं गांव के दो दर्जन लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव के जसवंत का कहना है कि उसने मनरेगा में कभी मजदूरी नहीं की फिर भी सरपंच ने बैंक अधिकारियों से मिली भगत करके उसके नाम पर बने फर्जी खाते से 11396 रुपये निकाल लिए। गांव की माया देवी के खाते से करीब 28 हजार और रफीक के खाते से 4400 निकाले गए। गांव के पूर्व सरंपच मुबारिक अली ने बताया कि उनके गांव उलेटा में बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें यह पता नहीं कि उनका जॉब कार्ड बना हुआ है। सरपंच, ग्राम सचिव ने बैंक अधिकारियों की मिली भगत से गांव के हकमुदीन के खाते से 22 हजार, अंसार के खाते से 22 हजार, माया देवी के खाते से 28 हजार, राकेश मिस्त्री के खाते से 30340, जसवंत के खाते से 11396 रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिए।
गांव उलेटा के सरपंच अलीम का कहना है कि एसडीएम कार्यालय में काम करने वाले अशोक ने वर्ष 2016 में काम किया था और उसकी पत्नी ने बाद में भी काम किया है। इसके अलावा जो आरोप लगा रहे हैं वे सब निराधार हैं।