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फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, 500 लोगों से 10 करोड़ की ठगी

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नोएडा। बंद पॉलिसी को खुलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने सरगना समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 युवतियां शामिल हैं। गिरोह के बदमाश गाजियाबाद के भोपूरा में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर 500 से अधिक लोगों से करीब 10 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से डेढ़ लाख रुपये, 16 मोबाइल, लैपटॉप बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के दो खातों को फ्रीज करा दिया है।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पहले एनटीपीसी के रिटायर्ड एजीएम से बीमा की बंद पॉलिसी चालू कराने के नाम पर ठगी की गई थी। कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस में दर्ज शिकायत में पीड़ित ने एचडीएफसी के दो बंद पड़े पॉलिसी का चालू कराकर 1.62 करोड़ की ठगी का आरोप लगाया था। पुलिस जांच में पता चला कि गाजियाबाद में सक्रिय गिरोह ऐसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की टीम ने भोपुरा गाजियाबाद में दबिश देकर फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मीत नगर दिल्ली निवासी सोनू कुमार, लोनी निवासी रोहित कटारिया, अश्विनी कुमार, राहुल, गाकुलपुरी निवासी नीलेश, बल्लभगढ़ निवासी अजय, हर्ष विहार निवासी संध्या, भोपुरा निवासी चंचल, संजना, श्रुति, अंजलि, मोहिनी, नंदनगरी निवासी केसर, चंचल, प्रियंका और बरखा के रूप में हुई है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी कॉल सेंटर चलाकर बंद बीमा पॉलिसी धारकों से संपर्क कर उन्हें दोबारा चालू करने, ब्याज के रूप में अधिक पैसे दिलवाने व तरह तरह के लुुभावने ऑफर देकर ठगी करते हैं। इन्हीं लोगों ने नोएडा के रिटायर्ड एजीएम से भी ठगी की थी।
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12वीं पास है सरगना, 5वीं फेल जुटाता था डाटा
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि इस गिरोह का सरगना सोनू कुमार है जो 12वीं पास है। वहीं इस गिरोह में पांचवीं फेल अजय कुमार इंटरनेट व अन्य माध्यमों से बीमा धारकों का डाटा जुटाता था। वहीं नीलेश कुमार बीमा धारकों को इंश्योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी का कर्मचारी बनकर बात करता था। वह लोगों को बाताें में फंसाकर झांसे में लेकर ठगी को अंजाम देता था। सरगना सोनू पहले एक इंश्योरेंस कंपनी में काम कर चुका था और वहीं से उसे इसकी बीमा की बारीकियों की जानकारी थी।
युवतियां करती थीं कॉलिंग, 12 हजार थी सैलरी
पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में शामिल 10 युवतियों को मालूम था कि इस कॉल सेंटर से ठगी की जाती है। इसके एवज में लड़कियों को प्रति माह 12 हजार रुपये दिए जाते थे। वहीं इस गिरोह के बदमाशों को कमीशन मिलता था। उन्हें सैलरी नहीं दी जाती थी। जिस कमरे में यह कॉल सेंटर का काम चल रहा था। उसे 12 हजार रुपये प्रति महीने के किराए पर लिया गया था।
2017 से ठगी कर रहे थे आरोपी
गिरफ्तार सरगना और आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह के बदमाश वर्ष 2017 से ही इस तरह के फ्रॉड में शामिल थे। सरगना सोनू अलग-अलग शहरों में कॉल सेंटर खोलकर ठगी करता था। नवंबर 2020 से सोनू और उसका पूरा गिरोह गाजियाबाद के भोपुरा में शिफ्ट हो गया था। वहां केवल बीमा धारकों से ही धोखाधड़ी की जाती थी। इनके निशाने पर ज्यादातर बुजुर्ग रहते थे।
ठगी के पैसे से खरीदे कई प्लॉट, आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट
एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। सभी आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने कई प्लॉट भी खरीदे हें। पुलिस ने इन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनकी संपत्ति जब्त करेगी।
कोट
लैप्स बीमा पॉलिसी के नाम पर फ्रॉड करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया गया है। पुलिस ने सरगना समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बीमा धारकों का डाटा लेकर उनसे ठगी करते थे।- रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा
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