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नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: लोन दिलाने का झांसा देकर करते थे ठगी, पुलिस ने 14 को किया गिरफ्तार

Thu, 19 Oct 2023 06:05 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

आरोपियों के पास से 11 लाख रुपये, 6 कीपैड मोबाइल फोन, 4 स्मार्ट मोबाइल फोन, 74 सेट कॉलिंग डाटा समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं। पुलिस गिरोह के फरार आरोपियों का पता लगा रही है। आरोपी 150 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बैंक कर्मचारी बनकर कर्ज दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का कोतवाली फेज वन पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने छह महिलाओं समेत गिरोह के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सरगना हसीन, विकास, राजेश, आशीष, वारिस अली, सोहिल, सलमान, आशुतोष, निशा, सुगरा फातिमा, सुरभि, ट्विंकल, कुसुम और खुशबू के रूप में हुई है।

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आरोपियों के पास से 11 लाख रुपये, 6 कीपैड मोबाइल फोन, 4 स्मार्ट मोबाइल फोन, 74 सेट कॉलिंग डाटा समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं। पुलिस गिरोह के फरार आरोपियों का पता लगा रही है। आरोपी 150 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।

नोएडा जोन के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी सेक्टर-6 के सी ब्लॉक में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। जांच में पता चला है कि जालसाज खुद को कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताते थे। इसके बाद बीमा पॉलिसी पर लोन दिलवाने का झांसा देते थे। इसके साथ ही बीमा पॉलिसी लैप्स होने के बाद फिर से किस्त आरंभ कराने, एडवांस लोन दिलाने के नाम पर भी ठगी करते थे। आरोपी आरटीजीएस चार्ज, लोन अप्रूवल चार्ज से लेकर कई अन्य तरह के चार्ज भी वसूलते थे। लोन अप्रूवल की फर्जी डिजिटल कॉपी ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से कस्टमर को भेज देते थे।
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बीमा कंपनी में नौकरी करता था सरगना हसीन
पुलिस पूछताछ में गिरोह के सरगना हसीन ने बताया कि वह पहले एक बीमा कंपनी में नौकरी करता था। वहीं उसने बीमा कंपनी की बारीकियों की जानकारी हासिल की। बाद में वह फर्जीवाड़ा करने लगा। पुलिस की टीम अब इनके पास से बरामद मोबाइल की जांच कर रही है। हसीन बेरोजगार युवाओं को कॉलिंग के लिए नौकरी पर रखता था। उन्हें बाकायदा 10 से 15 हजार रुपये की सैलरी दी जाती थी। इन सभी को वह डाटा उपलब्ध कराता था। जिसके आधार पर कॉलिंग कर ठगी की जाती थी।

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