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Noida News: नाकाम निगरानी...खुली सीमाएं

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कुलदीप शुक्ला
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चंडीगढ़। फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक डॉक्टर ने किराये पर दो कमरे लेकर वहां विस्फोटक जमा किए मगर न किसी मकान मालिक को भनक लगी और न ही स्थानीय पुलिस या खुफिया एजेंसियों को खबर। यह घटना राज्य की निगरानी व्यवस्था की कमजोर कड़ी को उजागर करती है। सीमाएं खुली हैं, निगरानी ढीली है और समन्वय की कमी राज्य को आतंकी नेटवर्क के लिए आसान ठिकाना बना रही है।

फरीदाबाद की यह बरामदगी दिखाती है कि सुरक्षा तंत्र अब भी कागजों पर अधिक सक्रिय है, जमीन पर नहीं। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक राज्य की सीमाओं के भीतर कैसे पहुंचा, यह जांच का सबसे अहम पहलू है। बॉर्डरों और औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद पूरे हरियाणा में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। राज्य के सभी जिलों में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, होटल, धर्मशालाओं और औद्योगिक क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने सभी पुलिस आयुक्तों, एसपी, डीसीपी और एसएचओ को अपने-अपने इलाकों में तैनात रहने और हर संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में भी तलाशी अभियान जारी है। फरीदाबाद पुलिस ने कई टीमों को तैनात किया है जो आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। इनपुट मिलने के बाद करनाल, सोनीपत, पलवल और नूंह जिलों में भी छापेमारी की जा रही है। मुख्यमंत्री के साथ हुई समीक्षा बैठक में डीजीपी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। राज्य की सीमाओं, खासकर दिल्ली-फरीदाबाद, पलवल-नूंह और यमुनानगर-सहारनपुर बॉर्डर पर सघन चेकिंग बढ़ा दी गई है। इंटर-स्टेट सीमाओं पर वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से 24 घंटे के भीतर सुरक्षा रिपोर्ट मांगी है। बीते 24 घंटे में कई जगह रैंडम तलाशी और संदिग्धों से पूछताछ की गई है। औद्योगिक इलाकों में विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण को लेकर भी जांच शुरू की गई है। फरीदाबाद की बरामदगी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। पिछले एक वर्ष में करनाल और कुरुक्षेत्र में भी हथगोले बरामद हो चुके हैं। लगातार तीसरी बार ऐसी बरामदगी ने राज्य के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी पहलुओं की पुष्टि नहीं हो जाती। फरीदाबाद से लेकर सीमा जिलों तक हरियाणा पुलिस, सीआईडी और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।



हरियाणा की भौगोलिक स्थिति बनी चुनौती

हरियाणा की सीमाएं छह राज्यों पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से लगती हैं। सड़क मार्ग से यहां से जम्मू-कश्मीर तक सीधी कनेक्टिविटी है। यही वजह है कि आतंकी संगठन और गैंगस्टर नेटवर्क राज्य को अपने ठिकानों और ट्रांजिट जोन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले आतंकी नेटवर्क उत्तर प्रदेश में सक्रिय थे। अब उन्हें हरियाणा ज्यादा सुरक्षित नजर आ रहा है। यही कारण है कि हाईवे किनारे जिलों और एनसीआर बेल्ट के इलाकों में यह नेटवर्क तेजी से पनप रहा है।



फरीदाबाद क्यों बना ठिकाना

खुफिया इनपुट के अनुसार, फरीदाबाद में पकड़ा गया विस्फोटक कई बार में इकट्ठा किया गया था। अलग-अलग राज्यों से रात के समय बॉर्डर पार कर विस्फोटक पहुंचाया गया जबकि दिन में ठिकाना खाली रखा जाता था। गुरुग्राम और मेवात पर खुफिया एजेंसियों का ध्यान केंद्रित रहने के कारण फरीदाबाद निगरानी के दायरे से बाहर रहा जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया। दिल्ली एनसीआर में हरियाणा के 14 जिले आते हैं। इनमें सबसे शांति वाला क्षेत्र फरीदाबाद माना जाता है।





राज्यभर में सर्च ऑपरेशन, बॉर्डरों पर कड़ी चौकसी

फरीदाबाद : अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में सर्च अभियान जारी।
हिसार : एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाई। संदिग्धों पर विशेष निगरानी

अंबाला : एसपी अजीत सिंह ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की। रेलवे स्टेशन, कैंट और बस अड्डों पर जांच बढ़ाई गई।

पानीपत : सीमाएं सील, नाकों की संख्या बढ़ाकर 67 की गई। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में लगातार गश्त।

करनाल : चौराहों पर नाकाबंदी और मॉल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर अतिरिक्त बल तैनात।

कुरुक्षेत्र : गीता जयंती महोत्सव के मद्देनजर हर प्रवेश बिंदु पर नाकेबंदी और गहन जांच।

यमुनानगर : जीआरपी कर्मियों की छुट्टियां रद्द, स्टेशन पर तलाशी और जांच तेज।

कैथल : बस अड्डे पर लावारिस बैग मिलने से हड़कंप, स्निफर डॉग के साथ जांच।

सोनीपत : रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में जीआरपी-आरपीएफ का सघन जांच अभियान।

झज्जर-बहादुरगढ़ : दिल्ली सीमा पर 13 से अधिक बॉर्डरों पर सख्त निगरानी।

रेवाड़ी : स्निफर डॉग टीम के साथ होटल, पार्किंग और बॉर्डर एरिया की तलाशी।

रोहतक : शिवाजी कॉलोनी में एक कार से एक करोड़ रुपये नकद बरामद। शहर में गश्त और मेटल डिटेक्टर जांच जारी।

महेंद्रगढ़ : रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्धों से पूछताछ।

चरखी दादरी-सिरसा : बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कोर्ट परिसर में सर्च अभियान।



कहीं ढिलाई, कहीं अलर्ट

हिसार, फतेहाबाद और भिवानी में सुरक्षा सामान्य दिनों जैसी रही। किसी भी चौराहे या स्टेशन पर अतिरिक्त तैनाती नहीं दिखी जबकि सिरसा, दादरी और रोहतक में पुलिस पूरी तरह सक्रिय रही।





हरियाणा में प्रमुख आतंकी घटनाएं

1 जनवरी 1988 : तत्कालीन भाजपा विधायक मास्टर शिव प्रसाद को तीन आतंकवादियों ने गोलियों से घायल कर दिया था। हमले में विधायक बुरी तरह जख्मी हुए थे।

22 नवंबर 1988 : कैथल में चार आतंकवादियों ने 38 बेगुनाह लोगों की हत्या कर दी। यह प्रदेश के सबसे भयावह हत्याकांडों में से एक माना जाता है।

9 नवंबर 1991 : सिरसा में तीन आतंकवादियों ने फायरिंग कर 14 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।

18 फरवरी 2007 : पानीपत के पास चल रही समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में दो आईईडी विस्फोट हुए। इन धमाकों में 68 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे।

12 अक्तूबर 2012 : अंबाला रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी एक कार से लगभग 5 किलो आरडीएक्स, डेटोनेटर और टाइमर बरामद हुए थे। जांच में इसका संबंध बड़े आतंकी षड्यंत्र की तैयारी से जोड़ा गया था।

20 मार्च 2022 : राष्ट्रीय राजमार्ग पर एमएम यूनिवर्सिटी, सद्दोपुर के निकट एक खाली मैदान में तीन हैंड ग्रेनेड, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), डेटोनेटर और टाइमर पाए गए थे। यह घटनाक्रम सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी था।

13 जून 2025 : करनाल में एसटीएफ ने दो युवकों दीपेंद्र और अदम्य को हैंडग्रेनेड सहित गिरफ्तार किया। बम डिस्पोजल टीम ने खेत में दबे ग्रेनेड को नियंत्रित विस्फोट में नष्ट किया।

8 अक्तूबर 2025 : कुरुक्षेत्र में सीआईए-2 की टीम ने दो युवकों को पाकिस्तान निर्मित हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि हथगोले ड्रोन के जरिए पठानकोट सीमा से भेजे गए थे।
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वर्जन



सभी राज्य और केंद्रीय एजेंसियां समन्वय में काम कर रही हैं। दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के तुरंत बाद सर्च और रेड ऑपरेशन शुरू किए जा रहे हैं। राज्य के सभी इंटर-स्टेट बॉर्डरों, बाजारों, पार्किंग एरिया, होटल और धर्मशालाओं में वाहनों की सघन जांच चल रही है। हर संदिग्ध की गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

ओपी सिंह, डीजीपी हरियाणा
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