एलपीजी सिलिंडर की किल्लत के कारण श्रमिकों का पलायन हो रहा है। इससे रियल एस्टेट उद्योग के लिए गंभीर चिंता पैदा हो गई है। कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
पांच हजार का बिक रहा सिलिंडर
क्रेडाई ने अपने पत्र में बताया है कि एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी हो रही है। एक सिलिंडर चार हजार पांच सौ से पांच हजार रुपये में बेचा जा रहा है। इस किल्लत के चलते निर्माण स्थलों से चालीस से पचास फीसदी श्रमिक वापस लौट चुके हैं। अब बचे हुए श्रमिकों को निर्माण कार्यों के लिए रोक पाना मुश्किल हो रहा है। यह स्थिति रियल एस्टेट परियोजनाओं के पूरा होने में बाधा डाल सकती है।
क्रेडाई ने सीएम योगी को लिखा पत्र
क्रेडाई ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के उपाय सुझाए हैं। साथ ही निर्माण श्रमिकों को पर्याप्त और सुलभ एलपीजी उपलब्ध कराने की बात कही है।
नोएडा में गैस संकट के बीच श्रमिकों का पलायन
एलपीजी की कमी और उसकी ऊंची कीमतें श्रमिकों के पलायन का मुख्य कारण हैं। कालाबाजारी के कारण सामान्य दरों पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। श्रमिकों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है। यह उनके लिए आर्थिक रूप से अस्थिर स्थिति पैदा कर रहा है। इसलिए वे काम छोड़कर अपने गृह नगर लौट रहे हैं।
क्रेडाई की मांगें
क्रेडाई ने मुख्यमंत्री से एलपीजी की कालाबाजारी पर रोक लगाने को कहा है। उन्होंने निर्माण श्रमिकों के लिए पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। श्रमिकों को आसानी से सिलिंडर उपलब्ध होने चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि निर्माण कार्य प्रभावित न हों। क्रेडाई पश्चिम यूपी के सचिव निखिल हवेलिया ने यह पत्र लिखा है।