- योजना का प्रस्ताव 18 जून को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा
- पहले चरण में 8288 भूखंडों का आवंटन तय
- यूपी के निवासी ही कर सकेंगे आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोग भी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में अपना आशियाना बना सकेंगे। यमुना विकास प्राधिकरण 30 वर्गमीटर के भूखंडों की विशेष योजना लाने जा रहा है, जो पूरी तरह से ईडब्ल्यूएस आय वर्ग के लिए आरक्षित होगी। इससे जुड़े प्रस्ताव को 18 जून को आयोजित होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से अनुमोदन मिलते ही योजना को लागू कर दिया जाएगा।
योजना के पहले चरण में 8,288 भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। यह भूखंड यीडा के सबसे पुराने आवासीय सेक्टर‑18 और सेक्टर‑20 में विकसित किए जाएंगे, जहां जमीन का चिन्हांकन पहले ही पूरा हो चुका है। कुल मिलाकर योजना के तहत लगभग 20,000 भूखंडों के आवंटन का लक्ष्य है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा। योजना में सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों को आरक्षण दिया जाएगा।
प्रत्येक भूखंड की कीमत 7.5 लाख रुपये तय की गई है। इसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पहुंच में रखने के लिए प्राधिकरण भुगतान की सुविधा किस्तों में देगा। योजना में चयनित आवेदक इस भूखंड पर ढाई मंजिला मकान का निर्माण कर सकेंगे। प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को मिले, इसलिए एक शर्त यह भी रखी जाएगी कि 10 वर्षों तक भूखंड या मकान को बेचा नहीं जा सकेगा।
पात्रता शर्तें सख्त, यूपी के निवासी ही कर सकेंगे आवेदन
इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ विशेष पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ही आवेदन कर सकेंगे।आवेदक की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। सबसे अहम यह है कि आवंटन प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
ऐसी होगी आरक्षण की व्यवस्था
- भारतीय सेना के जवान, पूर्व सैनिक, युद्ध में शहीद हुए जवान की विधवाएं और दिव्यांग जनों को - पांच फीसदी
- यीडा क्षेत्र में स्थित उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को- 29 फीसदी
- अस्पताल, कॉलेज जैसे संस्थागत संस्थानों और प्राधिकरण में कार्यरत कर्मचारियों को - पांच फीसदी
- आमजन (खुली श्रेणी) के लिए आरक्षित रहेंगे - 51 फीसदी
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को यीडा जैसे विकसित और महंगे इलाके में भी अपना घर बनाने का मौका देगी। न्यूनतम दर पर भूखंड देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। प्रस्ताव तैयार है और बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
-डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ