पाली गांव में मंशा देवी के परिजनों से जानाकारी लेते सांसद अफजाल अंसारी। संवाद
कासिमाबाद। सपा के सांसद अफजाल अंसारी ने सोमवार को पाली गांव पहुंच कर मृतक मंशा देवी के परिजनों से मिलकर घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि घटना के चार दिन बाद भी जिले के आला अधिकारी पीड़ित परिवार से नहीं मिले हैं। न ही कोई सहायता देना उचित समझा है। इस घटना की निंदा करते हुए उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।उन्होंने मृतका मंशा देवी के पति ज्ञानेंद्र प्रजापति से पूरी घटना की जानकारी लिया। ज्ञानेंद्र ने सांसद को बताया कि उनके तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्रियों के साथ एक पुत्र की शादी कर चुके हैं। जिस बेटे से विवाद हुआ वह अहमदाबाद में मजदूरी करता था। घटना से पांच दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आया है। एक बेटा सऊदी अरब में नौकरी करने के लिए गया है। सांसद को परिजनों ने बताया कि इस घटना के बाद से परिवार को काफी धमकाया जा रहा है। सांसद ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर घटना की जांच कराने के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जयहिंद यादव, नगर पंचायत बहादुरगंज के अध्यक्ष रेयाज अहमद अंसारी, बब्बन पांडेय, गामा राम, जिला पंचायत सदस्य अनिल राम आदि मौजूद रहे।
सांसद बोले, मंशा देवी के हत्यारों पर अब तक क्यों नहीं चला बुलडोजर
कासिमाबाद। सांसद अफजाल अंसारी ने रविवार को पाली गांव में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मंशा देवी के हत्यारों के घरों पर अब तक बुलडोजर क्यों नहीं चला। हत्यारों की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने काउंटर या हाफ एनकाउंटर क्यों नहीं किया। यह सवाल पीड़ित गरीब का परिवार जिला प्रशासन से पूछ रहा है।सांसद ने कहा कि इस समय देश और प्रदेश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। सरकार दबंगई के भरोसे जनता का दमन कर रही है। आज जाति के नाम पर निर्दोष लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। यह घटना एक गरीब परिवार के साथ हुई है। वह भी दबंगों की तरफ से पार्टी के लिए पैसा मांगा जा रहा था। नहीं देने पर हत्या कर दी गई और धर्मावतार बाबा का बुलडोजर अभी तक शांत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर दर्ज धाराओं को गिरफ्तारी के समय क्यों बदल दिया है। कहीं से न कहीं से आरोपियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। बड़ौरा कताई मिल के बिकने पर कहा कि जब भी उधर से जाता हूं तो चेहरा दूसरी तरफ कर लेता हूं। उन्होंने कहा कि इस मिल में हजारों गरीब लोग काम करते थे। जीएसटी पर छूट के नाम पर कहा कि सरकार ढिंढोरा पीट रही है। उन्होंने कहा कि आज चारो पीठों के शंकराचार्य केंद्र सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। अविमुक्तेश्वरानंद महाराज गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं। आखिर सनातनी सरकार क्यों नहीं गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर रही है। एक न एक दिन जनता ही न्याय करेगी और सामंतवादी सरकार को उखाड़ फेंकेगी।