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सीएचसी निर्माण दस साल बाद भी अधूरा

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पिनगवां सीएचसी भवन परिसर में पड़ा कूड़ा। - फोटो : ??????? ????? ????????? ????????? ????????? ?????? (??????)
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यूनुस अलवी/तसलीम अलवी
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पुन्हाना/पिनगवां। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा पिनगवां कस्बे में करीब 40 गांवों के लिए मंजूर किए गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दस साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इस कारण हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही है। मजबूरी में क्षेत्र के लोगों को नूंह, अलवर, फरीदाबाद, पलवल इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। कंपनी को सीएचसी का निर्माण 31 मार्च 2012 में पूरा करना था।
ग्रामीणों ने जल्द से जल्द भवन को तैयार कराने और पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की सरकार और प्रशासन से मांग की है। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा नूंह जिले के मरोड़ा, मोहम्मदपुर अहीर, उटावड, सिंगार और बीवां गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और पिनगवां में कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने के लिए किरीब 13 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। 2010 में निर्माण के लिए टेंडर भी निजी कंपनी को दिया था। पिनगवां और उटावड में भूमि विवाद होने के कारण भवनों का निर्माण कार्य 2016 तक ठप रहा। एनकेजी कंपनी के कर्मचारी सतेंद्र शर्मा ने बताया कि पिनगवां सीएचसी के भवन के निर्माण की लागत करीब दो करोड़ 66 लाख रुपये है। भवन निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। (संवाद)
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वहीं पिनगवां पीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मनप्रीत सिंह का कहना है कि सीएचसी शुरू होने से यहां पर करीब 12 डॉक्टर, नर्स, अन्य कर्मचारियों की तैनाती होगी। जिले के 40 गांवों के लोगों को फायदा होगा।
सीएचसी भवन का निर्माण 2012 में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही के कारण भवन का निर्माण दस साल से चल रहा है। प्रशासन को निर्माण जल्द कराकर लोगों को सुविधाएं देनी चाहिए। - रवि बत्रा, पिनगवां।
पिनगवां सीएचसी शुरू नहीं होने से लोगों को अलवर, गुरुग्राम, फरीदाबाद जाना पड़ रहा है। मरीजों को परेशानी हो रही है। सरकार और प्रशासन की लापरवाही की वजह से कई गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। - नग्गर अहमद, पंच पिनगवां।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। अगर केंद्र शुरू हो जाता है तो निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर इलाज नहीं करवाना होगा। लोगों की परेशानी देखते हुए केंद्र को जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। न्याज मोहम्मद, समाजसेवी।
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अभी केंद्र का पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुआ है, लेकिन भवन जर्जर होने लगा है। शीशे टूट गए हैं और चारों तरफ गंदगी के अंबार लगे हुए है। भवन का निर्माण पूरा कर इसे जल्द शुरू किया जाना चाहिए। - हाजी गुलदीन कुरैशी, पिनगवां।
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