दीपावली पर हर घर रोशनी से जगमगाएगा। कहीं दीप जलेंगे तो कहीं परिवार के साथ खुशियां बांटी जाएंगी। बच्चे पटाखे चलाने और मिठाइयां खाने की जिद करेंगे। बाजारों में रौनक होगी और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। लेकिन इन खुशियों के बीच कुछ ऐसे चेहरे भी होंगे, जिनकी दीपावली अपनों के साथ नहीं, बल्कि ड्यूटी के बीच गुजरेगी। वर्दी की जिम्मेदारी उन्हें घर की दहलीज से दूर रखेगी।
दूसरों के घरों में खुशियों के दीप जलते रहें, इसके लिए वे खुद अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाएंगे। पुलिस, ट्रैफिक कर्मी और अग्निशमन कर्मियों के दीपावली की खुशी शायद परिवार के साथ बैठकर मिठाई खाने में नहीं, बल्कि इस बात में होगी कि उनकी ड्यूटी के दौरान किसी की खुशियों में खलल न पड़े। शहर जब दीपों से जगमगाएगा, तब ये वर्दीधारी चेहरे अपनी जिम्मेदारी की रोशनी से त्योहार को सुरक्षित बनाएंगे।
त्योहार पर पहली प्राथमिकता अपने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। जब लोग परिवार के साथ दीपावली मना रहे होते हैं। तब हमें अपनी टीम के साथ सड़कों और इलाके में मुस्तैद रहना होता है। हमारे लिए त्योहार का मतलब केवल घर में दीप जलाना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित माहौल देना भी है।
-शिवानी, बीटा-2 चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक
दीपावली पर आतिशबाजी और सजावट के बीच आग लगने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी टीम के साथ तैयार रहना होता है। दूसरों के घरों में रोशनी बनी रहे, इसके लिए वह खुद परिवार से दूर रहकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे।
-वीर सेन सिंह, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, ईकोटेक-1 फायर स्टेशन
त्योहार पर घर जाने की होड़ रहती है। ऐसे में सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। बाजारों और प्रमुख सड़कों पर उमड़ने वाली भीड़ के बीच ड्यूटी के जरिये लोगों को सुरक्षित उनके घरों और मंजिल तक पहुंचाना ही अब पहली प्राथमिकता है।
-संध्या शाह, महिला ट्रैफिक कांस्टेबल