-प्रदर्शन कर सरकार को कोसा, कहा, अदालत के आदेशों से भाग रही है सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों को लागू न किए जाने के विरोध में सोमवार को जिला मुख्यालय पर कच्चे एवं पक्के कर्मचारियों ने विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत अतिरिक्त उपायुक्त दलबीर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान समून खान, जयकुंवार दहिया, नानक चंद्र, योगराज दीक्षित एवं बिजेंद्र के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा 23 दिसंबर 2025 एवं 31 दिसंबर 2025 को कच्चे कर्मचारियों के पक्ष में ऐतिहासिक और स्पष्ट आदेश दिए गए हैं, जिनमें 1993, 1996, 2003 एवं 2011 की नीतियों के अंतर्गत आने वाले सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने तथा 31 दिसंबर 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को पद सृजित कर नियमित दर्जा देने के निर्देश शामिल हैं। साथ ही वेतन निर्धारण एवं एरियर भुगतान के भी आदेश दिए गए हैं, लेकिन सरकार जानबूझकर इन आदेशों को लागू करने से बच रही है।
ग्रामीण चौकीदार, आशा वर्कर्स, मिड-डे मील कर्मचारी सहित अनेक विभागों के कर्मचारी आज भी कर्मचारी का दर्जा पाने से वंचित हैं। सरकार कभी डबल बेंच में जाने की बात करती है, तो कभी सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर आदेशों को निष्प्रभावी करने का प्रयास कर रही है, जो न्यायालय की अवमानना और कर्मचारियों के साथ विश्वासघात है। कर्मचारी नेताओं ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही उच्च न्यायालय के आदेश लागू नहीं किए, तो 12 फरवरी 2026 को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा का कर्मचारी वर्ग पूरी ताकत से भाग लेगा। प्रदर्शन में दीपक प्रधान तावडू, असलम प्रधान पुनहाना, प्रकाश चंद्र नूंह, आरिफ खान नगीना, देवेंद्र बिजली प्रधान नूंह, जयसिंह चौहान रोडवेज, सुभाष प्रधान नगर पालिका, रफीक अहमद सिंचाई विभाग सहित हजारों कर्मचारियों ने भाग लिया।