- 2017 से 2025 के बीच के छूटे कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
-कर्मचारी अंशदान भी पूरी तरह माफ, 100 रुपये में होगा नामांकन
निशांत पटेल
नोएडा। सेक्टर-24 स्थित ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) कार्यालय ने कर्मचारियों और नियोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए कर्मचारी नामांकन योजना (ईईएस) 2025–26 की शुरुआत कर दी है। इस विशेष अभियान के तहत 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक नियोक्ता उन सभी कर्मचारियों को दोबारा जोड़ सकते हैं, जो पिछले वर्षों में किसी कारणवश ईपीएफओ से बाहर रह गए थे।
पीएफ कमिश्नर सुयश पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना उन कर्मचारियों के लिए अत्यंत लाभकारी है जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच किसी संस्था से जुड़े, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से ईपीएफ में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी सिर्फ 100 रुपये का अर्थदंड देना होगा और नामांकन पूरा माना जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि जिस अवधि में कर्मचारी से पीएफ अंशदान नहीं काटा गया, उस संपूर्ण अवधि का योगदान पूरी तरह माफ किया जाएगा। यानी नियोक्ताओं को बीते वर्षों का कोई पिछला अंशदान जमा नहीं करना पड़ेगा। इस घोषणा ने हजारों संस्थानों और कर्मचारियों के लिए भारी राहत का मार्ग प्रशस्त किया है।
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नियोक्ताओं के लिए हेल्प डेस्क शुरू
सहायक पीएफ कमिश्नर रविंद्र कुमार ने बताया कि सेक्टर-24 ईपीएफओ कार्यालय में नियोक्ताओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाया गया है। यहां पोर्टल संचालन, दस्तावेज अपलोडिंग और तकनीकी समस्याओं के समाधान में तुरंत सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत नियोक्ताओं को पोर्टल पर कर्मचारी का नाम, जॉइनिंग डेट और मूल विवरण अपडेट करने होंगे। ऐसा करने पर कर्मचारी को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा के सभी लाभ स्वतः मिल सकेंगे। नियोक्ताओं से अपील की कि इस 6 महीने की विशेष विंडो को अंतिम अवसर मानते हुए समय सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी करें।
कोट
ईपीएफओ का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित न रहे। यह अभियान कर्मचारी सुरक्षा और संस्थागत पारदर्शिता को मजबूत करेगा।
- सुयश पांडेय, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ नोएडा