ग्रेटर नोएडा। ‘ऐतिहासिक तथ्यों पर इस तरह विवाद करना अच्छा नहीं है। प्रदेश सरकार को एक कमेटी बनानी चाहिए, जो तथ्यों पर जांच कर तय करे कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर थे या राजपूत।’ यह बातें बृहस्पतिवार को सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट पर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहीं। करणी सेना का रुख बृहस्पतिवार को नरम दिखाई पड़ा। कालवी कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस दौरान कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
कलेक्ट्रेट में मीडिया से बातचीत में कालवी ने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, इस बात का दुख नहीं है। मैं यहां पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने नहीं आया था, न ही ऐसा चाहा है। दोनों समाज को बांटने वाला नहीं हूं। ऐतिहासिक तथ्यों पर इस तरह विवाद करना अच्छा नहीं है। आपसी संघर्ष भी इसका कोई रास्ता नहीं है। जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से मिलकर एक कमेटी बनाने की मांग की गई है। इस संबंध में गृहमंत्री से भी मिल चुका हूं। मुख्यमंत्री से भी मिलकर कमेटी बनाने की मांग की जाएगी। कमेटी में पत्रकार, प्रशासनिक अफसर और इतिहासकार हों। किसी समाज की जरूरत नहीं है। कमेटी जांच कर सत्यता का पता लगाए। प्रतिमा से गुर्जर शब्द हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है।
पन्ना धाय के नाम पर मनाया जाए मातृ दिवस
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि महाराणा प्रताप का वंशज हूं। खून में गुर्जरी का दूध है। पन्ना धाय ने महाराणा प्रताप के पिता को बचाया था, तभी उनको धाय मां कहा जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मातृ दिवस को पन्ना धाय के नाम पर मनाया जाए।
संगठित ताकत बिगाड़ रही माहौल
कालवी ने कहा कि यह इतना बड़ा विवाद नहीं है, लेकिन एक संगठित ताकत माहौल बिगाड़ रही है। इसी कारण गिरफ्तारी हुई। सोशल मीडिया पर ज्यादा झगड़ा हो रहा है। तरह-तरह के संदेश चल रहे हैं। वहां ऐतिहासिक तथ्यों पर विवाद करना फैशन बन गया है, लेकिन सामान्य रूप से कोई दिक्कत नहीं है।