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Noida News: अब जिला अस्पताल में ही होगी ईईजी जांच

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दिमागी बीमारी का इलाज होगा सुगम, अस्पताल में इसी महीने के अंत तक शुरू हो सकती है व्यवस्था
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2,500 रुपये तक में होगी है निजी अस्पताल में जांच

नेहा शर्मा
नोएडा। जिला अस्पताल में मिर्गी, सिरदर्द, ब्रेन ट्यूमर समेत अन्य तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों के मरीजों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल में जल्द ही इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) जांच की शुरू होने जा रही है। मरीजों को यह जांच कराने के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ता है जहां इसकी लागत लगभग 1,400 से 2,500 रुपये तक होती है।
अस्पताल में यह मशीन सीएसआर योजना के तहत लगाई जा रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य विभाग में प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की ओपीडी होती है। अस्पताल में अभी केवल सीटी स्कैन की सुविधा है जबकि कई मामलों में इलाज शुरू करने से पहले ईईजी जांच आवश्यक होती है। इस जांच के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
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अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से त्वरित निदान संभव हो सकेगा जिससे गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान की जा सकेगी और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। ईईजी जांच के लिए टेक्नीशियन और चिकित्सकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा है ताकि मरीजों को सटीक और विश्वसनीय परिणाम मिल सकें।

जल्द होगा इलाज

अस्पताल में ईईजी जांच की शुरुआत से मरीजों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें जांच के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे समय की बचत होगी और इलाज में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।
क्या है ईईजी जांच



ईईजी जांच में मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों को मापा जाता है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि मस्तिष्क सामान्य रूप से कार्य कर रहा है या नहीं। यह जांच मिर्गी के मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि इससे दौरे (सीजर) के प्रकार और तीव्रता का आकलन किया जा सकता है। इसके अलावा यह जांच नींद संबंधी समस्याओं, ब्रेन ट्यूमर, सिर में चोट, अनिद्रा और ध्यान संबंधी विकारों के निदान में भी मददगार होती है।
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वर्जन

सीएसआर के तहत मशीन आ रही है। उम्मीद है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्तूबर की शुरुआत में सुविधा शुरू हो सकती। जांच शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी।

-डॉ. अजय राणा, सीएमएस
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