दक्षिण, पश्चिम, पूर्वी और मध्य दिल्ली में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बीएसईएस की तैयारियां पूरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में इस बार सर्दियों के दौरान बिजली की पीक डिमांड 6000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। बीआरपीएल के क्षेत्र में करीब 2570 मेगावाट और बीवाईपीएल इलाके में लगभग 1350 मेगावाट मांग रहने का अनुमान है। दक्षिण, पश्चिम, पूर्वी और मध्य दिल्ली में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बीएसईएस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछले वर्ष राजधानी में सर्दियों की पीक डिमांड 5655 मेगावाट दर्ज की गई थी।
बीएसईएस के अनुसार इस बार सर्दियों में उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली का 50 प्रतिशत हिस्सा हरित ऊर्जा से होगा। लगभग 2336 मेगावाट बिजली सौर, हवा, हाइड्रो पावर, हाइब्रिड और कचरे से बनने वाली ऊर्जा से सप्लाई की जाएगी। इसमें 840 मेगावाट सोलर, 500 मेगावाट विंड, 232 मेगावाट रूफटॉप सोलर, 647 मेगावाट हाइड्रो और 40 मेगावाट वेस्ट-टू-एनर्जी शामिल हैं। सर्दियों में निर्बाध आपूर्ति के साथ ही बीएसईएस ने गर्मियों की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। गोवा, केरल, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर से पावर बैंकिंग के तहत सर्दियों में दी गई बिजली गर्मियों में वापस मिलेगी जिससे अधिक मांग के समय उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बीएसईएस ने लोड फोरकास्टिंग, मॉडलिंग, एआई और मशीन लर्निंग तकनीकों की मदद से बिजली की मांग का अधिक सटीक आकलन करना शुरू किया है। मौसम अनुमान को भी शामिल किया जाता है, जिससे तापमान, हवा और बारिश के आधार पर अगले दिन की बिजली जरूरत का अनुमान लगाया जा सके।
सर्दियों में प्रस्तावित पीक डिमांड (एसएलडीसी अनुमान)
दिल्ली 6000 मेगावॉट
बीआरपीएल 2567 मेगावॉट
बीवाईपीएल 1345 मेगावॉट
(बीएसईएस का दावा है कि इन तैयारियों से उपभोक्ताओं को ठंड में भी सुचारू और स्थिर बिजली आपूर्ति मिलती रहेगी।)