22-डी सोसाइटी में बिना पाइप के प्लास्टर में दबाए बिजली के तार
सुरक्षा पर उठे सवाल, सोसाइटी के लोगों ने सभी फ्लैटों की जांच कराने की उठाई मांग
पुनीत कुमार
यमुना सिटी। यमुना सिटी की 22डी सोसाइटी में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। लोगों का कहना है कि फ्लैटों में बिजली की वायरिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं की गई। कई फ्लैटों में बिजली की तारों को पाइप के अंदर डालने के बजाय सीधे दीवारों पर लगाकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया है।
निवासियों का कहना है कि जब उन्होंने मरम्मत कार्य या दीवारों में ड्रिलिंग का काम कराया, तब उन्हें इस अनियमितता की जानकारी मिली। वायरिंग का यह तरीका सामान्य निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता और इससे भविष्य में बड़ी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। यदि दीवारों के भीतर बिना सुरक्षा पाइप के तारें डाली गई हैं तो समय के साथ नमी, दबाव या गर्म होने के कारण शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। निवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान समय-समय पर जांच की जाती और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता तो आज ऐसी शिकायतें सामने नहीं आतीं। यह मामला केवल एक या दो फ्लैटों तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए सोसाइटी के सभी फ्लैटों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। लोगों ने मांग की है कि विशेषज्ञ टीम गठित कर प्रत्येक ब्लॉक और फ्लैट की वायरिंग की जांच कराई जाए और जहां भी खामियां मिले, वहां तत्काल सुधार कराया जाए। कई निवासियों ने यह भी मांग उठाई है कि जांच रिपोर्ट में निर्माण में लापरवाही या नियमों की अनदेखी साबित होती है तो संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लापरवाही से बिछाई गई तारों से हो सकता है हादसा
निवासियों का कहना है कि फ्लैटों में इस प्रकार बिना सुरक्षा पाइप के सीधे दीवारों के भीतर बिछाई गई बिजली की तारें भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। समय के साथ दीवारों में सीलन आने, तारों के खराब होने या अत्यधिक गर्म होने की स्थिति में शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। लोगों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर सुरक्षित और बेहतर आवास की उम्मीद से यहां घर खरीदे थे लेकिन अब निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उनके मन में चिंता बढ़ती जा रही है। निवासियों ने मांग की है कि मामले की तकनीकी जांच कराकर सभी संभावित खतरों को समय रहते दूर किया जाए।
कोट्स
-फ्लैट में तारों की चोरी होने के बाद पता चला कि तारों को बिना कंड्यूट पाइप के ही फ्लैट में बिछा दिया गया है। -विरेंद्र कुमार शर्मा, 22डी सोसाइटी
-सभी फ्लैटों की जांच कराई जानी चाहिए। चिंताजनक बात है कि बिना कंड्यूट पाइप के ही तारों को बिछा दिया गया है। -राकेश त्रिपाठी, 22डी सोसाइटी
-फ्लैट में बिजली का काम कराने के दौरान पता चला कि तारें बिना कंड्यूट पाइप के ही फ्लैट में बिछा दी गई हैं। -वंदना गुप्ता, 22डी सोसाइटी
सोसाइटी के ज्यादातर फ्लैट में यह परेशानी आ रही है। प्राधिकरण से मांग की जा रही है कि वायरिंग का काम दोबारा कराया जाए। -किशोरचंद, 22डी सोसाइटी