बढापुर केग्राम कुंजेटा में वृद्ध दंपती की जलकर हुई मौत की घटना के बाद मौके पर जमा भीड़। संवाद
बढ़ापुर (बिजनौर)। बिस्तर में लगी आग में बुजुर्ग दंपती जिंदा जल गए। दंपती के लकवाग्रस्त होने की वजह से चीखें भी नहीं निकल सकी। बीड़ी पीते हुए आग लगने की पुलिस आशंका जता रही है।
मामला गांव कुंजेटा का है। महावीर सिंह (80) और गोमती देवी (78) गांव में मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में रहते थे। जबकि भूतल पर बेटा रूप सिंह परिवार के साथ रहता है। रविवार की रात सभी सकुशल सोए। सोमवार की सुबह करीब चार बजे पड़ोसियों ने मकान की छत पर बने कमरे से धुंआ उठता देख नीचे कमरे में सोये रूपसिंह को खबर दी। जिस पर परिवार वालों और ग्रामीणों ने ऊपर जाकर देखा तो वहां चारों ओर धुआं उठ रहा था और कमरे में महावीर सिंह और उनकी पत्नी गोमती देवी की जिंदा जल चुके थे। वहां के हालात देखकर सभी के पैरो तले की जमीन ही खिसक गई।
रूप सिंह ने बताया कि उनकी मां गोमती देवी को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पक्षाघात हुआ और तभी से उठने बैठने तथा बोलने से भी मोहताज थी। जबकि पिता महावीर सिंह को करीब डेढ़ माह पूर्व पक्षाघात के शिकार हुए। दोनों बुजुर्ग बिस्तर पकड़ चुके थे। महावीर सिंह को बीड़ी पीने की लत थी। माना जा रहा है कि बीड़ी से आग लगी। मौके पर पुलिस पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
एएसपी देहात विनय कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने पर लकवाग्रस्त होने की वजह से बुजुर्ग दंपती बिस्तर न तो उठ पाए और न चिल्ला पाए। प्रथम दृष्टया हादसे से ही मौत हुई है। फिर भी मौत का सही कारण पता करने के लिए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
बढापुर केग्राम कुंजेटा में वृद्ध दंपती की जलकर हुई मौत की घटना के बाद मौके पर जमा भीड़। संवाद
बढापुर केग्राम कुंजेटा में वृद्ध दंपती की जलकर हुई मौत की घटना के बाद मौके पर जमा भीड़। संवाद