नोएडा। प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल करना अब आसान होगा। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज 20 साल तक की संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन मिलेंगी। स्टांप एवं पंजीयन विभाग के पायलट प्रोजेक्ट के तहत यूपी के तीन जिलों में इस काम को पूरा कर लिया गया है। आगामी 3 से 4 वर्षों में पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। ऐसी व्यवस्था करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। स्टांप, पंजीयन एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने सोमवार को सेक्टर-33 स्थित रजिस्ट्री विभाग कार्यालय में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बाराबंकी, अंबेडकर नगर और श्रावस्ती में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह काम कर लिया गया है। अब पूरे प्रदेश में इस काम को पूरा कराने के लिए टेंडर निकाला गया है। करीब 300 करोड़ की परियोजना के तहत एजेंसी चयन के बाद इसका काम शुरू हो जाएगा। पूरे रिकॉर्ड को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाल दिया जाएगा। इसके बाद किसी को भी रिकॉर्ड रूम में आकर संपत्तियों का ब्योरा खंगालने की आवश्यकता नहीं होगी।
अब एक पन्ने का हुआ रजिस्ट्री का सर्टिफिकेट
कई पन्नों वाला रजिस्ट्री संबंधी प्रमाणपत्र अब गुजरे जमाने की बात होगी। रजिस्ट्री विभाग में अब 100 रुये का शुल्क देकर आप एक पन्ने का प्रमाणपत्र ले सकते हैं। इसमें रजिस्ट्री संबंधी सभी ब्यौरा उपलब्ध होगा। नोएडा में इसकी शुरुआत कर दी गई है।
रजिस्ट्री विभाग के कई काम हुए डिजिटल
अगर आपको रजिस्ट्री करानी है तो आप घर बैठे रजिस्ट्री का समय ले सकते हैं। इसके अलावा ई-स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री की फीस भी आप ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। रजिस्ट्री विभाग की इसी तरह की सेवा शुरू करने और प्रेरणा नामक सॉफ्टवेयर से उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने को लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
फ्लैट तैयार, नहीं हो पा रही रजिस्ट्री
नोएडा, ग्रेनो और गाजियाबाद के फ्लैट खरीदारों की समस्या के समाधान के लिए स्टांप मंत्री ने प्राधिकरणों के धिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने बताया कि आम्रपाली सहित दूसरे प्रोजेक्टों में कई हजार फ्लैट तैयार हैं। लेकिन दूसरे वजहों से उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
एग्रीमेंट टू सबलीज के शुल्क समायोजन पर होगा विचार
स्टांप मंत्री से कुछ गांवों और कॉलोनियों में रजिस्ट्री बंद होने, राजस्व में कमी, रजिस्ट्री शुल्क, जनरल पावर ऑफ अटार्नी (जीपीए), एग्रीमेंट टू सबलीज आदि पर बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि एग्रीमेंट टू सबलीज के लिए स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री फीस लेने के बाद दोबारा बुलाने पर उस शुल्क को समायोजित करने पर विचार किया जाएगा। वहीं जीपीए की शिकायत को लेकर उन्होंने टीम बनाकर जांच सौंपे जाने की बात कही।
सुपर एरिया पर ही होगी रजिस्ट्री: विभाग
एआईजी स्टांप एसके त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी फ्लैट खरीदार की रजिस्ट्री सुपर एरिया पर ही होगी। अभी बिल्ट अप एरिया पर रजिस्ट्री का कोई आदेश नहीं आया है। वहीं प्राधिकरण के साथ आम्रपाली के 900 खरीदारों के रजिस्ट्री के मामले के फंसे होने को लेकर उन्होंने मामला हल होने की बात कही। उनका कहना है कि इस मामले में प्राधिकरण की ओर से एक एफिडेविट लगवाकर रजिस्ट्री कराई जाएगी।