ट्रैफिक सेल का ही आदेश दिखाकर विरोध किया तो अधिकारियों ने वापस बुला ली टीम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ई-साइकिल परियोजना में एजेंसी के लिए विज्ञापन अधिकार के मानक बदलने के खुलासे के बाद टीमें शनिवार को जगह-जगह होर्डिंग हटाने में जुटीं। नोएडा स्टेडियम के पास ट्रैफिक सेल के प्रबंधक और दो जूनियर इंजीनियर पहुंचे और होर्डिंग फड़वा दी। इतने में होर्डिंग लगवाने वाली एजेंसी के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने ट्रैफिक सेल का ही आदेश दिखाकर कार्रवाई का विरोध किया। दोनों पक्ष में बहस हुई। आला अधिकारियों ने फोन कर के टीम को वापस बुला लिया।
टीम ने सेक्टर-62, 128 में यूनिपोल हटाए और होर्डिंग फाड़े। परियोजना में घपले का आरोप मूल रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के मुताबिक हुए एग्रीमेंट के बाद दूसरे एग्रीमेंट के संबंध में है। यह एग्रीमेंट ट्रैफिक सेल के अधिकारियों की तरफ से एजेंसी के साथ किया गया। इसमें आरएफपी के मानक 50 वर्ग फुट की जगह प्रचार का अधिकार 100 वर्ग फुट में कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी को 50 वर्ग फीट में प्रचार का अधिकार प्रति साइकिल स्टैंड दिया गया था। यूनिपोल लगाकर होर्डिंग्स लगाना भी स्पष्ट नहीं था।
प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के निर्देश पर ओएसडी महेंद्र प्रसाद, एसीईओ सतीश पाल और जीएम आरपी सिंह की अगुवाई में जांच समिति बनी है। समिति ने जांच शुरू करने के साथ ट्रैफिक सेल के जीएम को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात कही है। इसके बाद आनन-फानन में ट्रैफिक सेल लगवाई गई होर्डिंग्स ही फड़वाने लगा है। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल का कहना है कि समिति की जांच जारी है। रिपोर्ट सीईओ को सौंपी जाएगी।
स्टैंड भी नहीं बचा पाया ट्रैफिक सेल
दो करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से पूरे शहर में 62 साइकिल स्टैंड बनवाए गए। यहां से साइकिल चलवाना दूर स्टैंड तक की देखरेख भी ढंग से नहीं हो पाई। सभी स्टैंड की छत गायब हो चुकी है। कई स्टैंड में दुकानें चल रही हैं।