ग्रेटर नोएडा में नहीं हो रहे वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम
हवा के कारण रविवार को ऑरेंज से येलो जोन में आया एक्यूआई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। तापमान गिरने के बाद भी ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ग्रेनो वेस्ट से लेकर ग्रेटर नोएडा में जगह-जगह धूल उड़ रही है लेकिन जिम्मेदार किसी योजना पर काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि, हवा चलने के कारण जिम्मेदारों की जान बच रही है। रविवार को हवा के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा के वायु प्रदूषण में सुधार हुआ है और वायु गुणवत्ता सूचकांक ऑरेंज से येलो जोन में पहुंच गया है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग सर्दी शुरू होने से पहले ही वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपाय करने के आदेश दे चुका है। संबंधित प्राधिकरण और प्रशासन के साथ यूपीपीसीबी को आदेश लागू कर रोकथाम के इंतजाम करने हैं और नियमों का पालन भी कराना है लेकिन ग्रेटर नोएडा में ऐसा नहीं हो रहा है। सड़कों पर धूल उड़ रही है लेकिन उसे रोकने की कार्रवाई अब तक शुरू नहीं हुई है। ऐसे में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान लागू होने के बाद स्थिति से निपटना आसान नहीं होगा।
सूरजपुर घंटा चौक के आसपास की सड़कें बुरी तरह टूट चुकी है। वहां वाहनों के आने-जाने से लगातार धूल उड़ रही है। सूरजपुर कस्बे के अंदर भी रोड टूटी पड़ी है। पत्थर बिछाकर छोड़ दिया गया है। सीआरपीएफ के पास नाले की लाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई। हल्दौनी, कुलेसरा, तिलपता में भी ऐसा ही हाल है। वहीं, ग्रेनो वेस्ट की सड़कों पर भी धूल उड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सबसे बुरा हाल जलपुरा से राइस चौक वाली रोड का है। वहां लगातार धूल उड़ रही है। प्राधिकरण से बार बार शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सभी विभाग केवल हवा और बारिश के भरोसे पर काम कर रहे हैं।
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रविवार को हुआ सुधार
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के एक्यूआई में रविवार को सुधार हुआ है। नोएडा का एक्यूआई 180 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 189 रहा है। जो एक दिन पहले शनिवार को ऑरेंज जोन में 200 से ज्यादा रहा था। ग्रेनो के एक्यूआई में 91 अंक का सुधार हुआ है। हालांकि, ग्रेटर नोएडा की हवा गाजियाबाद के साथ एनसीआर में सबसे खराब रही है। बाकी सभी शहर का एक्यूआई ग्रेनो से कम रहा है।