गाजियाबाद। छठ पूजा को लेकर बांस बाजार में भी चहल-पहल बढ़ गई है। गलियों में जा जाकर बेचे जाने वाले सूप और डालों को खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ लग रही है। पर्व पर मांग बढ़ने की वजह से मंडियों से ही दामों में बढ़ोतरी हो गई है।
छठ पूजा में उपयोग होने वाले पूजन सामग्री को लेकर बाजार में जगह-जगह डलबा, डाला, सूप और डगरा की दुकानें सज गई हैं। दुकानदार महेश ने बताया कि बांस अत्यधिक शुद्ध माना जाता है। इस वजह से लोग बांस से बनी वस्तु की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा पीतल के बने डाला और सूप को लेना भी लोग पसंद करते हैं। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष डाला सूप पर महंगाई का रंग चढ़ गया है। इसके बावजूद आस्था के आगे लोग महंगाई की परवाह नहीं कर रहे हैं।
इस बार बाजार में सूप के दामों में पिछले वर्ष की तुलना में अत्यधिक कीमत पर बिक रहे हैं। सूप जहां 90 से 100 रुपये में मिल जाते थे, वहीं वर्तमान में 150 रुपये तक बिक रहें हैं। छोटा डलिया, बड़ा डलिया में भी 30 से 50 रुपये की बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले छोटा डलिया अच्छी गुणवत्ता वाला 30 से 40 रुपये तक मिल जाता था, लेकिन अब यही डलिया 70 से 100 रुपये तक बाजार में बिकने लगा है। वहीं, बड़ा डलिया 80 से 120 रुपये तक की कीमत पर मिलने लगा है। बांस का उत्पादन कम होने से बांस मालिक ऊंचे दामों में बांस बेच रहे हैं, इस कारण थोक में ही दाम बढ़ गए हैं। बाजार में प्लास्टिक व धातु से बने सामान भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसकी खरीदारी करने के बाद लोग कई वर्षों तक इसे खरीदने से छुटकारा पा लेते हैं। बाजार में सस्ते मूल्य पर प्लास्टिक की डलिया, सूप आदि उपलब्ध हो जाती है लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण से मिट्टी व बांस से बने सामानों को शुद्ध माना जाता है।