रिंकू राठी गाजियाबाद के थाना भोजपुर के गांव सैदपुर का रहने वाला है। एसटीएफ को सूचना मिली कि रिंकू ग्रेटर नोएडा में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आ रहा है। इसके बाद एसटीएफ ने अपना जाल बिछा दिया। रिंकू राठी को थाना सूरजपुर क्षेत्र में गांव मलकपुर की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। रिंकू पर जिला बांदा के थाना बझेरू से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। इसी थाने से यह वांछित भी चल रहा था।
एसटीएफ के मुताबिक रिंकू ने 1998 में मेरठ में एक ट्रांसपोर्ट एजेंसी पर ट्रक चलाने का काम शुरू किया। वर्ष 2010 में रिंकू ने हरिद्वार के इंडस्ट्रियल एरिया में राठी कार्गो ट्रांसपोर्ट मूवर्स के नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी खोली। मेरठ के इंचौली का रहने वाला अमित भी, रिंकू की ट्रांसपोर्ट कंपनी में बतौर चालक था। अमित के संबंध अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों से थे। इसके बाद रिंकू और अमित अपनी गाड़ियों में अन्य सामान के साथ नशीली दवाओं, नशीले पदार्थ आदि की तस्करी करने लगे। इससे इन्होंने अच्छा पैसा कमाया। वर्ष 2018 में ट्रक में गद्दे भरकर कोलकाता ले जा रहा था। इसी ट्रक में उसने बरेली से नशे के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला कफ सीरप की बड़ी खेप को भी लाद लिया। रास्ते में ही दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया। चार महीने जेल में रहने के बाद रिंकू ने गाजियाबाद में राठी ट्रांसपोर्ट कंपनी खोल ली। इसके बाद वह हरियाणा के शराब तस्करों के साथ मिलकर हरियाणा चंडीगड़ मे बनी शराब को गुजरात, बिहार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सप्लाई करने लगा।
सन 2021 में बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। 2023 में झांसी की पुलिस ने उसे पकड़ लिया। 2023 में ही रिंकू की पहचान हरियाणा के मनीष से हुई जो आंध्र प्रदेश और ओडिशा बॉर्डर से गांजा तस्करी का काम करता था। सन 2023 में ही बांदा जिले में बझेरू थाना पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया और 50 हजार रुपये इनाम घोषित किया।