पुन्हाना। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी पुन्हाना खंड के लुहिंगा कलां गांव के लोग पिछले कई वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप है कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गांव की आबादी करीब 12 हजार है। पीने के पानी के लिए जनस्वाथ्य विभाग ने अलग-अलग समय पर 7 बोरिंग लगाए, जिनमें से 6 खराब हो चुके हैं। विभाग ने दो बड़े वाटर टैंक भी बनाए थे, जिनमें से एक खराब हो चुका है। जबकि दूसरे वाटर टैंक के पास रखा ट्रांसफार्मर खराब है।
प्रशासन की अनदेखी के कारण रेनीवेल योजना के तहत पानी 5 से 10 दिन में एक बार ही आता है। इस कारण गांव के 90 फीसदी लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। गांव के सरपंच सलीम खान, अशरफ अलवी, ब्लॉक समिति सदस्य शाहिद, हाशिम खान, शमशेर, इरफान और शहाबदीन ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने जाख रोड पर एक बोर और एक वाटर टैंक बनवाया था। कई वर्षों तक तो गांव के लोगों को इसका फायदा मिला, लेकिन इसके बाद बोर खराब हो गया। स्कूल और कब्रिस्तान के पास वाले बोर चालू हैं। बाकी खराब हो चुके हैं।
वहीं इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर जनक राज ने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है। किन कारणों की वजह से लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है इस बारे जिले के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी गई है। लोगों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द होगा।