उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ समीक्षा बैठक की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में व्यापार को सुगम और सरल बनाया जाएगा। लाइसेंसिंग और शासन सुधारों के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों को दिल्ली सरकार लागू करने का प्रयास कर रही है।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें मंत्रियाें के साथ मुख्य सचिव, एनडीएमसी के अध्यक्ष, एमसीडी आयुक्त व संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। इसमें लाइसेंसिंग व्यवस्था को युक्तिसंगत और सरल बनाना, प्रक्रियाओं के दोहराव को समाप्त करना, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का एक एकीकृत डाटाबेस बनाना और कई एजेंसियों को एक ही मंच पर लाने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में यह बात सामने आई कि खंडित डाटाबेस, कई लाइसेंसिंग प्राधिकरण, सभी प्रकार के लाइसेंसों के लिए एक एकीकृत पोर्टल का अभाव है। मौजूदा जटिल लाइसेंस शुल्क संरचना के कारण राजस्व को नुकसान हो रहा है। साथ ही, आवेदक परेशान होते हैं। भ्रष्टाचार भी बढ़ता है। इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री के स्तर पर समीक्षा की गई। इसके बाद एलजी ने बैठक कर समस्याओं को दूर करने का फैसला लिया।
इन विषयों पर हुई चर्चा
- अग्नि संबंधी मंजूरी के लिए तृतीय पक्ष लेखा परीक्षकों का पैनल बनाना
- अग्नि संबंधी मंजूरी के लिए नियामक आवश्यकताओं की समीक्षा करना
- सभी संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए एक समान आवेदन पत्र
- भवन योजना अनुमोदन के लिए तृतीय पक्ष प्रमाणन का विस्तार
- सभी एजेंसियों के सभी डाटाबेस को जोड़ना
- सभी लाइसेंसों के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करना
- त्रिपुरा मॉडल को अपनाना और दो करोड़ से अधिक निवेश वाले उद्योगों के लिए तृतीय पक्ष पैनल बनाना
- एमसीडी क्षेत्रों की सीमाओं को राजस्व जिलों के साथ संरेखित करना
- सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों को जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करना
लाइसेंस में पुलिस की भूमिका होगी कम
एलजी ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों में लाइसेंस प्रदान करने में पुलिस की भूमिका को कम किया जाएगा। फैक्ट्री लाइसेंस के लिए एमसीडी डीम्ड अनुमति देगा। वहीं, सिनेमा हॉल लाइसेंस के लिए राजस्व विभाग को अधिकार देना, दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24 घंटे 7 दिन खोलना और महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति देना दिल्ली में व्यापार के अनुकूल माहौल बनाने में काफी मददगार साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लाइसेंसिंग प्राधिकरणों के कारण अक्सर आम लोगों को परेशानी होती है। प्रधानमंत्री के प्रयास से दिल्ली को निवेश के लिए एक गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगे।