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Noida News: स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में तब्दील करने से लाेगों ने जताई खुशी

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-फोटो
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जिले में 49910 स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब तक इंस्टॉल



माई सिटी रिपोर्टर



नोएडा। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की व्यवस्था को पोस्टपेड में तब्दील कर दिया गया है। जिले में लगे 49910 स्मार्ट मीटर को अब फिर से पोस्टपेड की तरह संचालित किया जाएगा। यानी उपभोक्ताओं को पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही बिजली बिल जमा करना होगा। जितनी बिजली उपभोक्ता उपयोग करेंगे उसके अनुसार ही बिल उन्हें प्राप्त होगा।

स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही उपभोक्ताओं में नाराजगी दिखी थी। उस दौरान भी उपभोक्ताओं ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का जमकर विरोध किया था। बीती फरवरी में स्मार्ट मीटर को लेकर आक्रोश फिर बढ़ा। कारण था ऑटोमेटिक डिस्कनेक्शन। यानी जिन उपभोक्ताओं का अकाउंट निगेटिव में चला गया था उनकी आपूर्ति बंद कर दी गई थी। अचानक आपूर्ति बंद होने से उपभोक्ता परेशान हो गए थे। विद्युत निगम को भी उन कनेक्शन की आपूर्ति सुचारू करने में दो से तीन दिन लग गए थे। यहां तक कि उनका कनेक्शन डायरेक्ट कर दिया गया था। डिस्कनेक्शन की ड्राइव करीब तीन बार चलाई गई थी। तकनीकी खामी की वजह से ड्राइव में उन उपभोक्ताओं की आपूर्ति भी बंद हो गई थी जिनके अकाउंट में बैलेंस था। करीब डेढ़ साल पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की कवायद शुरू की गई थी। जिसके दौरान अब तक 49910 मीटर इंस्टॉल किए गए। पाबंदी के बाद इन मीटर को दोबारा पोस्टपेड की तरह संचालित किए जाने से उपभोक्ताओं में खुशी है।
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बगैर सूचना के बदल दिए थे मीटर : जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की कवायद शुरू हुई थी तो कार्यदायी संस्था ने बगैर सूचना दिए ही लोगों के पुराने मीटर हटा दिए थे। उपभोक्ताओं को ये तक जानकारी नहीं थी कि उनका पुराना मीटर हटा दिया गया है। उन्हें जानकारी तब हो सकी डिस्कनेक्शन की ड्राइव के तहत आपूर्ति बंद की गई। आपूर्ति बंद होने पर जब उपभोक्ताओं ने निगम से शिकायत की तो निगम ने उन्हें जानकारी दी। कनेक्शन बंद करने की चेतावनी भी उपभोक्ताओं को प्राप्त नहीं हुई थी। कारण था उनका मोबाइल नंबर ही खाते से लिंक नहीं था। जिले में करीब दस हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ड्राइव के दौरान बंद हुई थी।
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जिले में 4.7 लाख उपभोक्ता हैं जिनमें से 49910 के कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के हैं। आदेश के बाद अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड के रूप में संचालित करने की व्यवस्था की जा रही है। -उमेश सिंह यादव, अधीक्षण अभियंता वाणिज्यिक विद्युत निगम।





स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में तब्दील करने से काफी राहत मिलेगी। इनकी वजह से पहले दिन से ही उपभोक्ताओं को दिक्कतें हो रही थीं।

-दीपक शर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 105



अब दोबारा से पहले की तरह बिजली बिल का भुगतान करना होगा जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

-बालेश मित्तल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 53



नए कनेक्शन में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लगानी चाहिए। उन उपभोक्ताओं को भविष्य में दिक्कतें हो सकती हैं।

-दिगंबर सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 108





फरवरी में जब अचानक हजारों उपभोक्ताओं की बिजली बंद हो गई थी तभी इसपर रोक लगा देनी चाहिए थी। देर सही लेकिन अच्छा निर्णय है।

-नितिन चौहान आरडब्ल्यूए महासचिव सेक्टर 122



अब उपभोक्ताओं को बार-बार अपना अकाउंट चेक नहीं करना पड़ेगा। बैलेंस मेंटेन करने की सिरदर्दी से छुटकारा मिलेगा।

-प्रवेश शर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 47



कभी ज्यादा बिल तो कभी आपूर्ति के कारण इन स्मार्ट प्रीपेड मीटर ने उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ाई थीं। अब परेशानी नहीं होगी।

-डॉ. एसके सिंघल आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 34
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