- जिले में 27420 ई-रिक्शा और 12986 ई-ऑटो, सीएनजी ऑटो की संख्या रह गई 18 हजार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सार्वजनिक परिवहन पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों की पकड़ मजबूती के साथ बढ़ रही है। जिले में ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जबकि पारंपरिक सीएनजी ऑटो धीरे-धीरे पीछे छूटते जा रहे हैं। दोगुने से भी ज्यादा संख्या ईवी सार्वजनिक वाहनों की है। इसका कारण भी साफ दिखता है। जिले में लगभग 27420 ई-रिक्शा और 12986 ई-ऑटो संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। इलेक्ट्रिक ऑटो और रिक्शा के बढ़ने के बीच सीएनजी ऑटो की मांग कम होती जा रही है। यह बदलाव न केवल परिवहन के स्वरूप को बदल रहा है, बल्कि पर्यावरण और यात्रियों की सुविधा पर भी असर डाल रहा है। ईवी वाहनों की बढ़ती संख्या के पीछे कम संचालन लागत, सस्ता चार्जिंग खर्च और आसान मेंटेनेंस प्रमुख कारण हैं।
लंबी कतार से मिलती है राहत : सीएनजी ऑटो मालिकों को गैस भरवाने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ता है। इसमें उनका समय तो खराब होता है जिससे कमाई करने का समय कम हो जाता है। यानी वे कम फेरे लगा पाते हैं।
ईवी रिक्शा और ऑटो तेजी से पंजीकृत हो रहे हैं। इनकी मांग बढ़ने का कारण है ज्यादा लाभ। सीएनजी के मुकाबले ईवी वाहन में कम लागत आती है। - आनंद कुमार, एआरटीओ प्रशासन