- डीसीपी के साथ एसीपी, 3 इंस्पेक्टर समेत 25 पुलिसकर्मी होंगे तैनात
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15000 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां हैं जिले में
4 लाख श्रमिक करते हैं काम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस व प्रशासन की तरफ से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। इसी क्रम में औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से विस्तार और श्रमिकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए उद्योगों के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की गई है। इसके लिए कमिश्नरेट में डीसीपी इंडस्ट्री का पद सृजित किया गया है। डीसीपी के साथ एसीपी, तीन इंस्पेक्टर समेत 25 पुलिसकर्मी इस विंग में तैनात होंगे।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जनपद के औद्योगिक ढांचे की सुरक्षा, समन्वय और शिकायत निवारण को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) इंडस्ट्री का पद सृजित किया गया है। पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्री एक सीयूजी नंबर 8595902508 भी आवंटित किया गया है, ताकि उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधि और श्रमिक सीधे संपर्क कर सकें।
अहम है कि वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर 13 अप्रैल को शहर में श्रमिकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। इसमें तीन सौ से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ की गई थी। दर्जनों वाहनों में आग लगा दी गई थी। पुलिस का कहना है कि कमिश्नरेट क्षेत्र में लगभग 15 हजार पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों के साथ-साथ कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं। वहीं जनपद में करीब दो लाख से अधिक कंपनियां विभिन्न स्तरों पर कार्यरत हैं, जिनमें लगभग चार लाख श्रमिक काम करते हैं। इतनी बड़ी औद्योगिक आबादी के कारण यह सेक्टर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने उद्योगों से जुड़े मुद्दों के लिए एक समर्पित तंत्र विकसित करने का निर्णय लिया है।
यह होगा कार्य
डीसीपी इंडस्ट्री का मुख्य कार्य औद्योगिक इकाइयों, श्रमिक संगठनों, श्रमिक समूहों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। इसके साथ ही वह यह सुनिश्चित करेंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार द्वारा लागू सभी श्रम एवं औद्योगिक कानूनों का सही तरीके से पालन हो। टीम औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर नजर रखेगी।
एसओपी हो रहा तैयार
डीसीपी इंडस्ट्री के पद सृजन के इस प्रस्ताव को अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था और पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर विस्तृत रूप देंगे। इस प्रस्ताव को विस्तृत रूप से तैयार कर स्थायीकरण के लिए तीन दिन के अंदर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ और गृह विभाग, शासन को भेजेंगे। इसके साथ ही अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एक विस्तृत एसओपी तैयार कराकर जारी करेंगे।