- बिसरख कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू की
- बिसरख गांव के खसरा नंबर 666 में प्राधिकरण की जमीन को बेचने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने प्राधिकरण की अधिग्रहित जमीन में से 300 वर्ग मीटर का भूखंड बेच दिया। पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
शिकायतकर्ता ने केस दर्ज कराया है कि उसे बिसरख गांव में आबादी के लिए प्लॉट की जरूरत थी। अप्रैल, 2017 में गांव के ही चंदन उर्फ चंदर, अरविंद कुमार, नरेंद्र और मोहित से संपर्क किया। उन्होंने खसरा नंबर 666 को अपना बताया और उसे अधिग्रहण से बाहर बताया। आरोप है कि आरोपियों से 300 मीटर भूखंड का सौदा 24 लाख रुपये में हुआ। पैसों का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि 17 अगस्त, 2026 को आरोपियों ने खसरा नंबर 666 के कुछ हिस्से पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण रुकवा दिया। उसके बाद प्राधिकरण से पता किया तो पता चला कि प्राधिकरण ने खसरा नंबर 666 की 15940 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2009 में किया था।
20 अगस्त को गांव में आरोपियों से धोखाधड़ी करने पर पैसे वापस देने की मांग की। आरोप है कि उस पर आरोपियों ने धमकी दी और गाली गलौज कर मारपीट की। पीड़ित ने घटना की शिकायत बिसरख कोतवाली में की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बिसरख कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह ने बताया कि एक आरोपी की मौत हो चुकी है। बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही हैं।