-सत्र न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका खारिज की, ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को बरकरार रखा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी महिला की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत द्वारा जारी समन आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे की सुनवाई चलाने का पर्याप्त आधार बनता है। इसलिए इस स्तर पर समन आदेश में हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है।
मामले के अनुसार दादरी निवासी महिला ने निचली अदालत के 26 सितंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी। जिसके तहत उसे चेक बाउंस के मामले में तलब किया गया था। महिला का दावा था कि संबंधित व्यक्ति ने उसके घर से कार ले जाते समय चेक, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए थे। बाद में उन्हीं चेकों का दुरुपयोग कर बैंक में प्रस्तुत किया गया और चेक बाउंस का प्राथमिकी दर्ज करा दिया गया। महिला ने यह भी कहा कि उसे कानूनी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ और उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया। वहीं शिकायतकर्ता का कहना था कि उसने कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर महिला और उसके पति को 30 लाख रुपये दिए थे। नौकरी नहीं लगने पर रकम वापस मांगने पर महिला की ओर से करीब 19.45 लाख रुपये के दो चेक दिए गए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर भुगतान रुक जाने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। सुनवाई के दाैरान अदालत ने महिला की पुनरीक्षण याचिका निरस्त करते हुए निचली अदालत के समन आदेश को बरकरार रखा।