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Noida News: नोट पुराने, ठगी का तरीका नया... महिला ने गंवाए 41.45 लाख

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पुरानी करेंसी के बदले मोटी रकम पाने के झांसे में आई महिला
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- फेसबुक पर विज्ञापन देखकर जाल में फंसी सेक्टर-26 की महिला
जीएसटी और अन्य शुल्क के नाम पर कराए गए रुपये ट्रांसफर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पुरानी करेंसी के बदले कई गुना अधिक रकम मिलने की उम्मीद में सेक्टर-26 निवासी एक महिला को 41.45 लाख रुपये गंवाने पड़े। साइबर ठगों ने फेसबुक पर आकर्षक विज्ञापन देकर महिला से संपर्क किया और फिर जीएसटी समेत विभिन्न शुल्कों के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर करा ली। रकम मिलने के बजाय आरोपियों ने महिला को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि कुछ दिन पहले फेसबुक पर उन्हें पुरानी करेंसी के बदले बड़ी रकम देने का विज्ञापन दिखाई दिया था। अधिक पैसा मिलने के लालच में उन्होंने विज्ञापन पर क्लिक किया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उनके पास व्हाट्सएप संदेश और फोन कॉल आने लगे। कॉल करने वालों ने पुरानी करेंसी के बदले मोटी रकम दिलाने का भरोसा दिया। विश्वास जीतने के लिए कुछ आरोपियों ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर भी बात की।
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आरोपियों ने महिला को बताया कि पुरानी करेंसी के बदले मिलने वाली रकम जारी कराने के लिए जीएसटी और दूसरे शुल्क जमा करने होंगे। बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में महिला उनकी बातों में आ गईं। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर कई बार रुपये ट्रांसफर कराए। शिकायत के अनुसार, एक से 13 अक्तूबर 2026 के बीच महिला से कुल 41 लाख 45 हजार 38 रुपये ऐंठ लिए गए। इसके बाद भी आरोपियों ने रकम वापस नहीं की। रुपये देने की मांग करने पर कानूनी कार्रवाई कराने की धमकी दी गई। ठगी का अहसास होने पर महिला ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस डिजिटल संपर्कों और धनराशि के लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

ऐसे बचें साइबर ठगी से
- पुरानी करेंसी के बदले मोटी रकम का दावा:
ऐसे विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी नोट की कीमत उसकी दुर्लभता और वास्तविक संग्रहकर्ता मांग पर निर्भर करती है, केवल पुराने होने पर नहीं।
- शुल्क के नाम पर भुगतान न करें:
रकम जारी कराने के लिए अनजान व्यक्ति के कहने पर जीएसटी, पंजीकरण, प्रोसेसिंग या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें।
- अधिकारी होने का दावा सत्यापित करें:
फोन पर खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति की पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें।
- निजी जानकारी साझा न करें:
बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
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