आयुष की मां ने कहा, थाने वाले दौड़ाते रहे, शव मिलने के बाद पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
- मां ने कहा, बेटे का एक हाथ गायब, चेहरा भी काट डाला, बेटे को ढूंढने के बजाय पुलिस वालों ने कहा नशा उतरने के बाद खुद ही लौट जाएगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। 13 साल का मेरा बेटा आयुष 16 अगस्त से नहींं मिला तब वह कोतवाली सेक्टर-24 से लेकर 12-22 पुलिस चौकी तक कई दिन तक पुलिस से मदद मांगती रही लेकिन पुलिस वालों ने एक नहीं सुनी। जब बेटे का शव मिल गया तब गुमशुदगी दर्ज की। मेरे बेटे का एक हाथ गायब है और चेहरा काट डाला गया। पुलिस वालों ने बेटे को ढूंढने के बजाय कहा कि नशा उतरने के बाद वह खुद ही लौट आएगा। यह बातें कहते हुए आयुष की मां योगमाया बिलखने लगती हैं।
आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले आयुष की मां योगमाया ने बेटे के घर नहीं लौटने पर सेक्टर-12-22 चौकी में पुलिस को जानकारी दी थी। आरोप है कि वहां मौजूद चौकी प्रभारी ने बर्थडे पार्टी में नशा करने की बात कहते हुए कहा कि नशा उतरने के बाद किशोर खुद घर लौट आएगा। अगले दिन भी आयुष का पता नहीं चला तो वह सेक्टर-24 थाने पहुंचीं। परिवार का आरोप है कि वहां उन्हें सेक्टर-20 थाना क्षेत्र का निवासी होने के कारण संबंधित थाने में शिकायत देने के लिए कहा गया। इस दौरान कई दिन बीत गए, लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई।
21 अगस्त को सेक्टर-54 स्थित पार्क में घूमने पहुंचे लोगों ने एक किशोर का शव पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी, इसलिए उसे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। इसी बीच फिर से सोमवार शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ आयुष की मां अधिकारियों के पास अपने बेटे के लापता होने की शिकायत लेकर पहुंचीं। इसी दौरान उन्हें पोस्टमार्टम हाउस में अज्ञात शव दिखाया गया। शव पर हाथ में बंधे धागे समेत अन्य पहचान संबंधी चीजों के आधार पर परिवार ने उसकी पहचान आयुष के रूप में की। परिवार का आरोप है कि बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाने वाले गैर समुदाय के एक किशोर समेत अन्य ने चाकू से हमला कर आयुष की हत्या की है।
पहचान के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा :
शव की पहचान होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और बजरंग दल के कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग भी उठाई। परिवार शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर देर रात तक अड़ा रहा। आयुष अपने माता, पिता व बहनों के साथ सेक्टर-20 में रहता था। आयुष का परिवार मूल रूप से बहराइच हरगाह का रहने वाला है। अपने परिवार में बहनों का इकलौता भाई था।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर-20 निवासी आयुष 16 अगस्त से लापता था और 21 अगस्त को उसका शव सेक्टर-54 के पार्क में मिला था। सोमवार रात परिवार ने कुछ किशोरों पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में ले लिया गया है।
16 अगस्त- आयुष अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने चौड़ा गांव के लिए सेक्टर-20 से निकला।
17 अगस्त- 16 अगस्त को परिजनों ने ढूंढा, नहीं मिलने पर कोतवाली सेक्टर-24 व 12-22 पुलिस चौकी पर शिकायत की।
18 से 24 अगस्त- लगातार परिजन पुलिस के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
21 अगस्त- सेक्टर-54 के पार्क में आयुष का शव मिला लेकिन पुलिस ने गुमशदुगी की शिकायत का ध्यान नहीं रखा।
24 अगस्त- शव की पहचान कराई गई, मां ने पहचाना।
25 अगस्त- कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने शव मिलने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की।