- 13 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि, आठ अस्पताल में भर्ती
-अब तक 189 मरीज मिल चुके हैं जनपद स्तर पर
- स्कूलों को सर्कुलर जारी, पूरी बाजू के कपड़े पहनें छात्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डेंगू के मरीजों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में जांच के लिए आने वाले हर पांचवें या छठे मरीज में डेंगू की पुष्टि हो रही है। अब तक जिला अस्पताल में कुल 704 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 128 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, बुधवार को जिले भर में 13 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जिससे कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 189 पहुंच गई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल जिले में सिर्फ 14 एक्टिव केस हैं और इनमें से 8 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। सभी मरीजों के घरों के आसपास एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कर दिया गया है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ एचएम लवानिया ने बताया कि डेंगू की जांच के लिए एलाइजा किट का इस्तेमाल किया जा रहा है। 704 नमूनों में से 128 में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा मलेरिया के भी 1790 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें 62 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भर्ती सभी मरीज पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं और किसी भी मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी है।
-
486 स्थानों पर मिला लार्वा
स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया नियंत्रण विभाग की ओर से चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान में जनवरी से अब तक 486 स्थानों पर लार्वा मिलने की पुष्टि हुई है। इनमें से 95 प्रतिशत मामले सिर्फ अगस्त और सितंबर महीने में सामने आए हैं, जो इस बात का संकेत है कि बरसात के मौसम में डेंगू के मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। विभाग की ओर से अब तक 188 लोगों को लार्वा और गंदा पानी जमा होने के कारण नोटिस भी जारी किए गए हैं।
-
लोगों से अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आस-पास सफाई रखें, पानी को इकट्ठा न होने दें और सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, बर्तन, टायर जैसी चीजों को खाली कर सुखा लें। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों को मच्छरों से बचाने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं और मच्छरदानी का उपयोग करें।
-
स्कूलों को सर्कुलर जारी
डेंगू संक्रमण की बढ़ती स्थिति को देखते हुए मलेरिया विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग से अपील की थी कि स्कूलों में डेंगू से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके तहत अब बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर निर्देश दिए हैं कि छात्र-छात्राएं पूरी बाजू के कपड़े पहनकर स्कूल आएं। इसका उद्देश्य बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाना है। स्कूल प्रशासन से भी परिसर में साफ-सफाई रखने और पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।