ग्रेटर नोएडा/दादरी। दादरी स्थित हायर कंपनी पर किसान बेरोजगार सभा के तत्वावधान में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने कंपनी गेट पर नारेबाजी की। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुईं। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 12 लोगों को गिरफ्तार किया, हालांकि बाद में छोड़ दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। बुधवार को भी पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। सभा के राष्ट्रीय पर प्रवक्ता विजयपाल भाटी ने कहा कि स्थानीय युवाओं की रोजगार की मांग पूरी होेने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
किसान बेरोजगार सभा के कार्यकर्ता एवं आसपास के गांवों के लोग नारेबाजी करते हुए कंपनी गेट पर पहुंचे। गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों से नोकझोंक होने पर पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बावजूद कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करते रहे । सभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजयपाल भाटी ने कहा कि स्थानीय युवाओं को स्थाई रोजगार की मांग जब तक पूरी नही होगी, हम चुप नही बैठेंगे। पुलिस ने अजय प्रधान, पप्पू प्रधान, नेतराम, हरेराम मास्टर, लक्ष्मण सिंह, बिशन प्रधान, बिजन हवलदार, लख्मी सिंह, बीरू प्रधान, जतन सिंह, गजेन्द्र सिंह, सोनू कुमार को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोग डरने वाले नहीं है। मांग पूरी होने के बाद ही धरना प्रदर्शन खत्म किया जाएगा।
बिना शर्त रिहाई की मांग
हायर कंपनी पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष परमेंद्र भाटी, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के संयोजक संजीव वर्मा, गजेंद्र खारी, सुंदर भाटी, श्याम सुंदर मावी, दयाराम झट्टा, मांगेराम भाटी, विनोद भाटी के अलावा किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रुपेश वर्मा, समाजवादी पार्टी के नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अतुल शर्मा, नीरज भाटी सहित अनेक लोग मौजूद रहे। वहीं, किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व किसानों ने भी कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। समिति ने हायर कंपनी पर प्रदर्शन करने वाले किसानों व युवाओं को जेल भेजने का विरोध कर रोष प्रकट किया है। समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने बताया कि प्राधिकरण के साथ किसान और युवाओं को रोजगार दिलाने का समझौता हुआ था, लेकिन उसके आधार पर स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। किसान कंपनी पर प्रदर्शन कर अपना हक मांग रहे हैं।